फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP Election 2022: बंदरों के आतंक से परेशान हैं मथुरा की महिलाएं, विकास के मुद्दों पर कही ये बात

Sun, 28 Nov 2021 02:00 PM IST
मुकेश कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा

सार

मथुरा की महिलाएं बंदरों के आतंक, गंदगी की समस्या सहित इन मुद्दों से काफी परेशान हैं। चाय पर चर्चा और नाविकों से बातचीत के बाद 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' देश की आधी आबादी के बीच पहुंचा, जहां महिलाओं ने चुनावी मुद्दों पर खुलकर चर्चा कीं।
 
विज्ञापन
मथुरा, उत्तर प्रदेश चुनाव 2022, महिलाओं से चर्चा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तर प्रदेश में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' आज यानी रविवार को देश की आधी आबादी के बीच पहुंचा। श्रीकृष्ण जन्मस्थली और धर्म की नगरी मथुरा की महिलाओं ने बंदरों के आतंक, गंदगी की समस्या सहित तमाम मुद्दों पर खुलकर बात की। इस दौरान देश की आधी आबादी ने वर्तमान सरकार के कामकाज की तारीफ भी और कुछ कमियां भी गिनाई। पढ़िए किसने क्या कहा?

विज्ञापन


खजानी इंस्टीट्यूट की निदेशक ने कहा कि 2007 में यहां काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। गर्ल्स ट्रेनिंग के लिए घर से बाहर कैसे निकले, यह बड़ी समस्या थी। उन्होंने कहा कि मथुरा को धार्मिक नगरी कहा जाता है। लड़कियों के लिए यहां स्कूल, कॉलेज, शादी और मंदिर के अलावा कुछ नहीं था। जब अच्छे से उनलोगों को समझाया गया तब से लड़कियां घर से बाहर निकलकर प्रशिक्षण लेने लगी।

उन्होंने कहा कि यहां लड़कियों के लिए यहां बहुत से काम किए जा सकते हैं। यहां डिजाइनिंग और पोशाक का बहुत बड़ा मार्केट है। राधा कृष्ण ड्रेसेस का पेटिंग, पोटली बैग्स, कंठी माला के लिए जो बैग बनते है, अलग अलग तरह के पटका..इन सब क्षेत्रों में लड़कियों ने ट्रेनिंग ली है। उन्होंने कहा कि यहां से काफी मात्रा में ये सारे चीज निर्यात होते हैं।
विज्ञापन


वहीं, दीक्षा सक्सेना नाम की एक छात्रा ने कहा शिक्षा के लिहाज से मथुरा अच्छा है। यहां उच्च शिक्षा की भी सुविधा है। वहीं, सव्या नाम की एक छात्रा ने कहा कि यहां पर सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उच्चा शिक्षा को लेकर सव्या ने कहा कि मुझे तो नहीं लगता कि इस तरह की सुविधाएं यहां हैं। यहां ज्यादा से ज्यादा मॉल्स नहीं हैं, शो रूम नहीं हैं। 

Trending Videos

मथुरा, उत्तर प्रदेश चुनाव 2022, महिलाओं से चर्चा - फोटो : अमर उजाला
उधर, इंडियन आइडियल एकेडमी की निदेशक निधी शर्मा ने कहा कि हर शहर की अपनी एक खूबसूरती होती है। मथुरा की अपनी खूबसूरती है। मथुरा एक धाम है। यहां आने के लिए लोग तरसते हैं। वहीं अगर शिक्षा की बात करें तो मुझे नहीं लगता कि यहां इसकी कोई कमी है। अगर आप एनएच 2 पर चले जाएंगे तो कम से कम 10 इंजीनियरिंग कॉलेज मिल जाएंगे। यहां मेडिकल कॉलेज, विश्वविध्यालय हैं।

उन्होंने महिलाओं के करियर के लिहाज से बात करते हुए कहा कि महिलाएओं के लिए कोई भी ऐसा करियर का ऑप्शन नहीं है जो यहां नहीं है। हां छोटी मोटी कमियां हैं। इस दौरान उन्होंने बंदरों की समस्या है, जाम की समस्या, साफ सफाई की समस्याओं का जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि सरकार को इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है। उमा सक्सेना ने भी बंदरों की समस्या का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बच्चों को स्कूल से आने जाने में दिक्कतें होती हैं। वहीं, उन्होंने कहा कि यहां बहुत अच्छे स्कूल नहीं हैं। 
विज्ञापन

मथुरा, उत्तर प्रदेश चुनाव 2022, महिलाओं से चर्चा - फोटो : अमर उजाला
महिलाओं की सुरक्षा पर बोलते हुए अनीता चावला (वकील) ने कहा कि उत्तर प्रदेश का ऐसा कोई जिला नहीं है जहां अपराध न होते हों, उन सब चीजों के लिए कानून का बनना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि कानून की जानकारी होना भी बहुत जरूरी है। महिलाओं को खुद जागरूक होना बहुत आवश्यक है। महिलाओं को अपने आप में सक्षम होना होगा। महिलाओं को अपने कानूनी अधिकारों से अवगत होना चाहिए।

इस दौरान उन्होंने भी गंदगी की समस्या का मुद्दा उठाया। डॉ अंजली ने महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर कहा कि महिलाएं खुद के स्वास्थ्य को लेकर बहुत ज्यादा जागरूक नहीं हैं। सरकरा से यही कहना चाहूंगी कि महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करे। कृति नाम की महिला ने कहा कि मथुरा मुझे अच्छा नहीं लगता। वहीं, एक अन्य महिला ने कहा कि मथुरा पहले से ज्यादा सुधरा है। सड़कों में सुधार हुआ है। जो विरोधी हैं उन्हें भी ये बात माननी चाहिए। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें