मथुरा, उत्तर प्रदेश चुनाव 2022, महिलाओं से चर्चा
- फोटो : अमर उजाला
उधर, इंडियन आइडियल एकेडमी की निदेशक निधी शर्मा ने कहा कि हर शहर की अपनी एक खूबसूरती होती है। मथुरा की अपनी खूबसूरती है। मथुरा एक धाम है। यहां आने के लिए लोग तरसते हैं। वहीं अगर शिक्षा की बात करें तो मुझे नहीं लगता कि यहां इसकी कोई कमी है। अगर आप एनएच 2 पर चले जाएंगे तो कम से कम 10 इंजीनियरिंग कॉलेज मिल जाएंगे। यहां मेडिकल कॉलेज, विश्वविध्यालय हैं।
उन्होंने महिलाओं के करियर के लिहाज से बात करते हुए कहा कि महिलाएओं के लिए कोई भी ऐसा करियर का ऑप्शन नहीं है जो यहां नहीं है। हां छोटी मोटी कमियां हैं। इस दौरान उन्होंने बंदरों की समस्या है, जाम की समस्या, साफ सफाई की समस्याओं का जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि सरकार को इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है। उमा सक्सेना ने भी बंदरों की समस्या का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बच्चों को स्कूल से आने जाने में दिक्कतें होती हैं। वहीं, उन्होंने कहा कि यहां बहुत अच्छे स्कूल नहीं हैं।
मथुरा, उत्तर प्रदेश चुनाव 2022, महिलाओं से चर्चा
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महिलाओं की सुरक्षा पर बोलते हुए अनीता चावला (वकील) ने कहा कि उत्तर प्रदेश का ऐसा कोई जिला नहीं है जहां अपराध न होते हों, उन सब चीजों के लिए कानून का बनना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि कानून की जानकारी होना भी बहुत जरूरी है। महिलाओं को खुद जागरूक होना बहुत आवश्यक है। महिलाओं को अपने आप में सक्षम होना होगा। महिलाओं को अपने कानूनी अधिकारों से अवगत होना चाहिए।
इस दौरान उन्होंने भी गंदगी की समस्या का मुद्दा उठाया। डॉ अंजली ने महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर कहा कि महिलाएं खुद के स्वास्थ्य को लेकर बहुत ज्यादा जागरूक नहीं हैं। सरकरा से यही कहना चाहूंगी कि महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करे। कृति नाम की महिला ने कहा कि मथुरा मुझे अच्छा नहीं लगता। वहीं, एक अन्य महिला ने कहा कि मथुरा पहले से ज्यादा सुधरा है। सड़कों में सुधार हुआ है। जो विरोधी हैं उन्हें भी ये बात माननी चाहिए।