फतेहपुर, उत्तर प्रदेश चुनाव 2022, चाय पर चुनावी चर्चा
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दिवंगत सीडीएस जनरल बिपिन रावत के ट्रेनर रह चुके कर्नल आरडीएस चौहान
कर्नल आरडीएस चौहान दिवंगत सीडीएस जनरल बिपिन रावत के ट्रेनर रह चुके हैं। उन्होंने रावत को एनडीए के अंदर ट्रेनिंग दी थी। उस समय आरडीएस चौहान एनडीए में इंस्ट्रक्टर के पोस्ट पर तैनात थे। हमने तभी रावत के बारे में सोच लिया था कि यह बड़ा होकर जरूर कुछ अच्छा करेगा। इस दौरान कर्नल साहब ने सीडीएस रावत के बारे एक खुलासा किया। उन्होंने कहा कि हादसे के करीब छह दिन पहले रावत अपने घर आए और उन्होंने अपने बड़े भाई के बेटे के नाम पर अपना घर विल कर दिया। हालांकि, उन्होंने कहा कि यह उन्होंने क्यों किया ईश्वर मालिक। कर्नल चौहान ने कहा कि वह 1965 में कमीशन से फौज में आए। उन्होंने 1965, 1971 की लड़ाई लड़ी।
सरकारी योजनाओं को अधिकारी ही लगाते हैं पलीता
हेमंत चौहान ने कहा कि कोरोना के कारण दो साल तक कामकाज ठप रहा है। विद्या भूषण तिवारी ने सरकारी योजनाओं को सराकरी अधिकारी की पलीता लगाते हैं। उन्होंने स्थानीय प्रशासन पर सवाल उठाया। तिवारी ने कहा कि पहले ट्रांसफार्मर 12-12 घंटे तक नहीं आता था लेकिन अब वो समस्या नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर काम ढीला है। इसके अलावा लोगों ने रोजगार का मुद्दा भी उठाया। बसपा के कार्यकर्ता ने कहा कि इस सरकार ने कितने रोजगार दिए। बसपा सरकार ने अपने कार्यकाल में साढ़े 23 लाख रोजगार दिए। इस पर भाजपा के एक कार्यकर्ता ने जवाब देते हुए कहा कि इस सरकार में पिछले साढ़े साल में साढ़े चार लाख नौकरियां दी गई और वो भी पारदर्शिता के साथ। नौकरी केवल सरकारी ही नहीं हो सकती। पहले नौकरियां कैसे मिलती थीं सबको पता है। सुनिल शुक्ला ने स्थानीय प्रशासन पर सवाल उठाया।