फतेहपुर, उत्तर प्रदेश चुनाव 2022, महिलाओं से चर्चा
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कल्पना सिंह ने कहा कि इस सरकार में महिलाओं के लिए बहुत कुछ किया गया है। जब से भाजपा की सरकार आई है तब से महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस करती हैं। रेखा रानी ने कहा कि यहां शहर में तो सब कहते हैं सबकुछ अच्छा हुआ है लेकिन कोई गांव जाकर तो देखे कि वहां क्या हुआ? किसान किस तरह परेशान हैं? खाद्द मिलती नहीं है, नहर में पानी आता नहीं है, किसान जब धान लेकर मंडी समिति जाता है वहां जीएसटी किसान से काटी जाती है, क्रय केंद्र जाता तो वहां पर 25 फीसदी कटौती होती है। यहां पर खड़े होकर तो हम बता देंगे कि सबकुछ अच्छा हुआ है। मगर सबसे ज्यादा जनता गांव में बसती है। वहां जाकर कोई देखता है कि महिलाएं किस तरह परेशान हैं ? भाजपा खराब है। किसान को भाजपा बिल्कुल देख ही नहीं रही हैं। ज्योति ने कहा कि फतेहपुर में पहले से बहुत बदलाव हुआ है। जब मेरी शादी हुई थी सुबह में कभी लाइट का दर्शन नहीं होता था। शाम होते ही जिंदगी ठप हो जाती थी। अब तो बिजली जाती ही नहीं। पहले गैस सिलेंडर के लिए लाइन लगाना पड़ता था, अब तो एक तो कॉल करते हैं सिलेंडर आ जाता है। जब से भाजपा की सरकार आई तब से बहुत विकास हुआ है। सरोज पांडे ने कहा फतेहपुर पहले से बहुत अच्छा है। पहले यहां की सड़कें देखकर बहुत उलझन होती थी लेकिन अब सड़कें बन गई हैं। बिजली की व्यवस्था पहले से बेहतर हो गई है।
सरला सिंह ने कहा कि मेरे गांव में 2001 में खरंजा बना था। उसी तरह खरंजा पड़ हैं। यहां लोग कह रहे हैं कि बिजली सबके घर में आती है। सबके घर में मीटर लग गए हैं। जिसके घर में एक बल्ब जलता है और उसके यहां बिल 10 हजार का आता है। लोगों को गैस सिलेंडर तो दे दिया गया है लेकिन उसे भराने के लिए पैसे नहीं हैं। उन्होंने कहा जानवरों के द्वारा फसल चरने का भी मामला उठाया। उन्होंने कहा कि सुधार है कहां? मेरी स्थिति पूछिए, शहर तो देखती हूं चमक रहा है, यहां के लोग चमक रहे हैं लेकिन गांव के लोग जस के तस हैं। नम्रता दुबे ने कहा कि वर्तमान सरकार के कामकाज से खुश हैं। बिजली आती है। सड़कें अच्छी बन गई हैं मगर यहां कोचिंग की सुविधाएं नहीं हैं। शकीला बानो ने कहा कि कांग्रेस ने जितना किया उतना किसी ने नहीं किया। साइना ने कहा कि कोचिंग इंस्टीट्यूट सब अच्छे होने चाहिए। फतेहपुर में सड़कें और बिजली अच्छी हो गई हैं। वंदना ने कहा कि फतेहपुर में विकास हुआ है। नजर और नजरिए में फर्क होता हैं। हम अपने नजर और नजरिए को परखना होगा है कि आप विकास को किस तरह से देखते हैं। प्रिया दीक्षित ने कहा कि गांव में भी विकास हुआ है। केवल सड़क की समस्या है। गांव में राशन सबको मिल रहा है।