देवरिया, उत्तर प्रदेश चुनाव 2022, युवाओं से चुनावी चर्चा
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उधर, एक छात्र ने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कहा कि इस सरकार में भर्तियां तो निकलती हैं लेकिन पेपर लीक हो जाती है। इन्हीं के विधायक, इन्ही के लोग पेपर लीक करा देते हैं। 2014 में जब मोदी सरकार आनी थी तो इन्होंने दो करोड़ युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था। कहां हैं नौकरियां। उन्होंने कहा कि हाल ही में लखनऊ में नौकरी मांगने वाले छात्रों कोदौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। कमलेश नाम के एक छात्र ने कहा कि 2016 और 2018 में जो भर्तियां आई थीं। उसकी तारीखें केवल बढ़ाई जा रही हैं। भर्ती के नाम पर सिर्फ और सिर्फ राजस्व इकट्ठा की जी रही है। यहां के लड़के बेरोजगार के बेरोजगार रह जाते हैं।
युवा किसी पार्टी का पक्षधर नहीं है, उसे केवल रोजगार चाहिए
वहीं, बीए प्रथम वर्ष के एक छात्र ने कहा कि भाजपा सरकार आने से यहां बहुत विकास हुआ है। यहां मेडिकल कॉलेज बना है। सपा सरकार ने केवल शिलान्यास किया है जबकि भाजपा सरकार ने उसे पूरा करके दिखाया। भाजपा सरकार सबके हित के लिए काम कर रही है। अभिषेक मिश्रा ने कहा कि युवा किसी पार्टी का पक्षधर नहीं है, उसे केवल रोजगार चाहिए। जुमले से काम नहीं चलेगा। यहां जो भी विधायक हो उसे पढ़ा लिखा होना चाहिए। वही विधायक बने जो यहां की जनता के सुख दुख का साथी बने। यहां के विकास पर उनका मेन फोकस होना चाहिए। हम उसी को वोट देंगे। वहीं, एक अन्य शख्स ने कहा कि नौजवानों को शिक्षा और रोजगार चाहिए। जिसको ठेके पर रखे जाते हैं क्या वह रोजगार है? क्या पकौड़े बेचना रोजगार है? चुनावी जुमले बंद होना चाहिए चाहे कोई भी सरकार क्यों न हो?
हमें रोजगार से मतलब
एमए की छात्रा निरुपमा यादव ने कहा कि हमें रोजगार से मतलब है न कि लैपटॉप और स्कूटी से। निरुपमा ने शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में पेपर लीक का मामला सामने आया, ऐसा नहीं सोचा था और सरकार बुलडोजर चलाने की करती है। एनसीसी छात्रा निशा यादव ने कहा कि हम आर्मी में भर्ती होना चाहते हैं। दो साल से भर्ती नहीं आई है। कोई भी सरकार आए भर्तियां समय पर होनी चाहिए। बालमुकुंद मिश्रा ने कहा कि रोजगार के मुद्दे पर यह सरकार पूरी तरह से फेल है। इनके मंत्री क्या बोलते हैं, उन्हें खुद ही पता नहीं होता है। इस सरकार में सबकुछ आनन-फानन में होता है। हमारी पहली प्राथमिकता रोजगार है। रोजगार की बात जो करेगा हम उसी को वोट देंगे। वहीं, एक छात्र ने कहा कि सरकार को वैकेंसी फॉर्म के दामों को कम करना चाहिए।