एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और एसओ संतोष यादव (फाइल फोटो)
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मथुरा के जवाहर बाग हिंसा में शहीद हुए तत्कालीन एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और एसएचओ संतोष यादव को भाजपा की सरकार ने भुला दिया है। आज तक जवाहर बाग में दोनों शहीद अफसरों की प्रतिमाएं नहीं लगीं और न ही कोई स्मारक स्थल भी बन सका है।
जबकि नगर निगम की बोर्ड बैठक में छह माह पूर्व शहीदों की प्रतिमाएं और स्मारक स्थल को हरी झंडी दी गई थी। बुधवार को मांट आए सीएम योगी आदित्यनाथ ने घटना का जिक्र ही नहीं बल्कि दोनों अफसरों की शहादत को याद भी किया। इससे पीड़ित परिवार को आस जगी है कि अब शीघ्र ही प्रतिमाएं व स्मारक बनेगा।
दो पुलिस अफसरों समेत 29 लोगों की गई थी जान
2 जून 2016 को जवाहर बाग को कब्जामुक्त कराते हुए तत्कालीन एसपी सिटी और एसएचओ समेत 29 लोगों की जान गई थी। भाजपा ने जवाहर बाग को मुद्दा बनाकर सपा की सरकार को घेरा था। तब भाजपा के नेताओं ने शहीद पुलिस अफसरों के जवाहर बाग में स्मारक और प्रतिमाएं लगाने के लिए एलान भी किया था। सरकार ने जवाहर बाग को पिकनिक स्पॉट बनाने में करीब 14 करोड़ रुपये व्यय किए हैं।