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यूपी: प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच 30 हजार मेगावाट के पार पहुंची बिजली की मांग, दिए गए निर्बाध आपूर्ति के आदेश

Wed, 20 May 2026 09:32 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

Electricity in UP: यूपी में भीषण गर्मी के बीच बिजली की खपत बढ़ गई है। 19 मई को प्रदेश में बिजली की खपत 30 हजार मेगावाट के ऊपर चली गई। 
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यूपी में बिजली की खपत। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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 भीषण गर्मी के बीच प्रदेश में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। मंगलवार रात बिजली की खपत 30160 मेगावाट तक पहुंच गई। पूरे प्रदेश में लू और भीषण गर्मी के कारण उपभोक्ता भरपूर बिजली का उपयोग कर रहे हैं। 19 मई 2024 को अधिकतम मांग 27478 मेगावाट थी, जबकि 2025 में यह 28858 मेगावाट रही। इस वर्ष 19 मई को उत्तर प्रदेश की मांग 30160 मेगावाट रही, जो महाराष्ट्र की 31858 मेगावाट से कम थी। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने सभी बिजली कर्मियों को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने बताया कि नए सबस्टेशनों के निर्माण और वितरण व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण से अधिकतम मांग पूरी हो रही है। मंत्री ने अधिकारियों को इस चुनौतीपूर्ण समय में विद्युत आपूर्ति बनाए रखने के लिए तत्पर रहने को कहा।

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गेहूं खरीद में लापरवाही पर सख्त हुए मंत्री

खाद्य एवं रसद विभाग तथा नागरिक आपूर्ति मंत्री मनोज पांडेय ने विभागीय योजनाओं, गेहूं खरीद, सार्वजनिक वितरण प्रणाली और राशन वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी गेहूं क्रय केंद्रों का संचालन किसानों के हितों को ध्यान में रखकर किया जाए और किसी भी किसान को परेशानी नहीं होनी चाहिए।

मंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक क्रय केंद्र पर इलेक्ट्रॉनिक कांटा, बोरे, भंडारण व्यवस्था और अन्य जरूरी उपकरणों की उपलब्धता 48 घंटे के भीतर शत-प्रतिशत सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि लक्ष्य के सापेक्ष सभी केंद्रों पर गेहूं खरीद पूरी कराई जाए और किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों से कहा गया कि किसानों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए क्योंकि वे देश के अन्नदाता हैं।

बैठक में राशन वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मंत्री ने कहा कि पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से राशन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता गरीब और जरूरतमंद लोगों तक योजनाओं का पूरा लाभ पहुंचाना है। किसी भी स्तर पर अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

समीक्षा के दौरान बस्ती मंडल के आरएमओ कार्यालय में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की तस्वीरें नहीं मिलने पर मंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारी को फटकार लगाते हुए तत्काल तस्वीरें लगाने के निर्देश दिए। मंत्री ने जिला पूर्ति अधिकारियों को कार्यालयों में बैठने के बजाय फील्ड में जाकर कोटे की दुकानों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राशन दुकानों पर घटतौली की शिकायत किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को जनता से जुड़े इस विभाग की जिम्मेदारी गंभीरता से निभाने के निर्देश दिए गए।

बैठक में गैस एजेंसियों की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने जिला पूर्ति अधिकारियों से कहा कि घरेलू गैस सिलेंडरों की डोर-टू-डोर आपूर्ति शत-प्रतिशत सुनिश्चित कराई जाए। साथ ही डीजल और पेट्रोल की अनावश्यक खपत कम करने की अपील भी की।

उन्होंने ई-पॉस मशीनों के जरिए हो रहे राशन वितरण, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत चल रही व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए वितरण प्रणाली को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। मंत्री ने शिकायतों के निस्तारण में संवेदनशीलता और गुणवत्ता बनाए रखने पर जोर दिया। बैठक में विभागीय अधिकारियों ने जनपदवार प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिस पर मंत्री ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
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