जिले के अलावा कानपुर व लखनऊ जैसे शहरों के लोगों की जाम से निजात मिलने व उन्नाव के आरओबी पर अप्रैल में फर्राटा भरने की उम्मीद धूमिल होती जा रही है।
आरओबी के निर्माण के लिए मिली डेड लाइन 31 मार्च को मात्र 20 दिन बचे हैं और अभी तक आरओबी पर काफी काम है। जबकि मंगलवार को लखनऊ में प्रमुख सचिव की बैठक में एनएचएआई के अधिकारियों ने इस कार्य को समयावधि के भीतर पूरा करने का आश्वासन दिया है। ऐसे में यह कैसे हो पाएगा। यह सवाल खड़ा हो रहा है।
बता दें कि जहां एक ओर प्रमुख सचिव उन्नाव बाईपास पर निर्माणाधीन आरओबी का निर्माण तय समय 31 मार्च तक पूरा करने के आदेश जारी कर रहे हैं और एनएचएआई के अधिकारी भी इस काम को समय के भीतर कराने का आश्वासन भी दे रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर निर्माण कारी कंपनी गंगोत्री इंटर प्राईजेज लिमिटेड के कर्मचारी अभी आरओबी के काम में लगभग दो से तीन माह का समय लगने की बात कह रहे हैं।
आरओबी पर निर्माण कार्य करा रहे कंपनी के एक कर्मचारी ने बताया कि कभी तो निर्माण में आवश्यक सामग्री की कमी हो जाती है और कभी लेबर नहीं मिलते हैं। इस कारण से आरओबी के निर्माण कार्य में देरी हो रही है।
निर्माण कंपनी गंगोत्री इंटर प्राईजेज लिमिटेड के जीएम नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि वैसे तो आरओबी का काम तय समय तक पूरा करने के पूरे प्रयास हो रहे हैं।
पिछले माह खनन बंद होने के चलते मिट्टी नहीं मिल सकी थी। इस कारण काम बंद हो गया था। इसके बाद कार्य में तेजी आई लेकिन बीते दिनों होली पड़ने से लेबर की दिक्कत आ गई है। वैसे 31 मार्च तक काम पूरा होने की उम्मीद नहीं है।
परियोजना निदेशक शिवशंकर ने कहा कि मार्च की 31 तारीख तक काम पूरा करने के आदेश थे लेकिन लगातार आ रही मिट्टी व लेबर की दिक्कतों से आरओबी के काम को तय तिथि तक पूरा नहीं किया जा सकेगा। जून माह के अंत तक हर हाल में आरओबी का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।