सुरेश के मुताबिक बेटे के जन्म के कुछ देर बाद सुनीता की हालत बिगड़ गई। पत्नी को एंबुलेंस से सीएचसी ले जाने के लिए उसने टोल फ्री नंबर 102 पर फोन मिलाया। उसे एंबुलेंस चालकों के हड़ताल की जानकारी दी गई।
उन्नाव जिले में हड़ताल के कारण एंबुलेंस न मिलने पर महिला की जान चली गई। प्रसव के बाद हालत बिगड़ने पर पति ने एंबुलेंस मंगवाने के लिए कॉल की तो बताया गया कि चालक हड़ताल पर हैं। इसके बाद किराये पर बोलेरो मंगवाने में काफी समय लग गया।
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बाद में अस्पताल में महिला ने दम तोड़ तोड़ दिया। गंजमुरादाबाद के गांव रसूलपुर मझिगवां निवासी सुरेश कुमार की पत्नी सुनीता (30) को सोमवार दोपहर दो बजे प्रसव पीड़ा हुई। शाम चार बजे उसने पुत्र को जन्म दिया। सुरेश के मुताबिक बेटे के जन्म के कुछ देर बाद सुनीता की हालत बिगड़ गई।
पत्नी को एंबुलेंस से सीएचसी ले जाने के लिए उसने टोल फ्री नंबर 102 पर फोन मिलाया। उसे एंबुलेंस चालकों के हड़ताल की जानकारी दी गई। इसके बाद किसी तरह उसने गांव से चार किलोमीटर दूर जसरापुर से किराये पर बोलेरो मंगवाई।
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इसमें काफी समय लग गया। इसके बाद आशा कार्यकर्ता रामरानी के साथ पत्नी को लेकर सीएचसी पहुंचा। महिला डॉक्टर की तैनाती न होने से यहां मौजूद स्टॉफ नर्स ने हालत गंभीर बताई और बांगरमऊ स्वास्थ्य केंद्र ले जाने के लिए कहा।
सुरेश ने पत्नी को कस्बे के एक नर्सिंगहोम में भर्ती कराया। वहां शाम पांच बजे सुनीता ने दम तोड़ दिया। एंबुलेंस सेवा के मैनेजर विराट श्रीवास्तव ने बताया कि एंबुलेंस के लिए फोन करने वालों को हड़ताल की जानकारी दी गई थी।