उन्नाव। नर्सिंगहोम संचालक के खिलाफ दी जाने वाली शिकायतों को नजरअंदाज करने वाली पुलिस ने रविवार को संचालक के एक फोन पर निर्दोष युवक को घर से उठाकर कोतवाली में दो घंटे बैठाए रखा। घर से युवक को ले जाने के दौरान उससे लिपटा 12 वर्षीय बेटा पुलिस से पिता को न ले जाने की गुहार लगाता रहा।
बच्चा बार-बार पुलिस से पूछता, अंकल आखिर पिता का कसूर क्या है, लेकिन पुलिस को बच्चे पर तरस नहीं आया। वीडियो वायरल होते ही युवक को छोड़ दिया गया। शहर के मोहल्ला कलक्टरगंज निवासी पिंकू अवस्थी का आरोप है कि नर्सिंगहोम संचालक अस्पताल की गंदगी सड़क पर फेंकता है। रास्ते में तीमारदारों के वाहन खड़े रहते हैं।
सुबह उसके पड़ोसी कुत्तू मिश्र कार से निकले तो रास्ते में गाड़ियां खड़ी होने पर विरोध किया, जिस पर उनका संचालक से विवाद हुआ। पिंकू के अनुसार, वह छज्जे से नीचे उतरे और विवाद को शांत कराया। संचालक ने रविवार को दोपहर पुलिस को बुला लिया। बिना किसी गुनाह के पुलिस उन्हें घर से पकड़कर ले जाने लगी। बताया
कि 12 वर्षीय बेटा उससे लिपटा पुलिस से गुहार लगाता रहा, पर पुलिस को तरस नहीं आया। बार-बार कहता रहा कि अंकल पिता का कसूर क्या है। पुलिस ने एक नहीं सुनी और जीप में डालकर कोतवाली ले गए।
लगभग दो घंटे तक कोतवाली में उसे बैठाए रखा। पुलिस के सामने बेटे का गिड़गिड़ाते हुए वीडियो वायरल होने
पर पुलिस ने उसे छोड़ दिया। चर्चा है कि जिस नर्सिंगहोम संचालक की शिकायत पर पुलिस युवक को पकड़कर ले गई, वह विवादों से घिरा रहता है। कुछ दिन पहले ही संचालक व स्टॉफ पर नवजात को टीका लगवाने पहुंचे
परिजनों ने मोटी रकम लेने के बाद और रुपयों की मांग करने व बच्चे को न देने का आरोप लगाया था। जिस पर जमकर हंगामा और हाथापाई हुई थी। इसकी शिकायत भी कोतवाली में हुई थी, पर पुलिस ने नर्सिंगहोम संचालक पर कोई कार्रवाई नहीं की। एसएसआई सुधाकर सिंह ने बताया कि शिकायत पर युवक को कोतवाली लाया गया था। पूछताछ करने के बाद छोड़ दिया गया।