उन्नाव। मोतीनगर स्थित देशी शराब गोदाम में एसटीएफ के छापे के तीन दिन बाद आबकारी आयुक्त ने मिलीभगत के आरोप में आबकारी निरीक्षक सदर को निलंबित कर दिया। गोदाम का लाइसेंस भी निलंबित किया गया है। आबकारी अधिकारी ने बताया कि एसटीएफ की प्रारंभिक जांच में कर व एक्साइज ड्यूटी चोरी का मामला प्रकाश में आया है। सोमवार को एसआईटी टीम के आने की संभावना है।
एसटीएफ सूत्रों के अनुसार सहारनपुर डिस्टलरी से एक ही क्यूआर कोड व चालान पर दो-दो गाड़ियां गोदाम के लिए निकाली जाती थीं। इसमें एक गाड़ी का कर व एक्साइज ड्यूटी मिलाकर 18 लाख रुपये का चूना लगाया जा रहा था। इस डिस्टलरी से उन्नाव के मोतीनगर स्थित अनुज्ञापी अजय जायसवाल के गोदाम में माल पहुंचता था। गोदाम के एक कर्मी से पूछताछ में कई अहम सुराग मिले हैं। आबकारी अधिकारी केके शुक्ल ने बताया कि गोदाम में हुई जांच के बाद आबकारी आयुक्त ने आबकारी निरीक्षक रवींद्र किशोर को निलंबित किया है। अनुज्ञापी के गोदाम का लाइसेंस भी निलंबित कर दिया गया है।
जांच में मिली थीं अनियमितताएं
तीन दिन पहले देशी शराब गोदाम में होने वाली आपूर्ति में कर व एक्साइज ड्यूटी चोरी को लेकर हुई यूपी एसटीएफ ने छापा मारा था। 20 घंटे की जांच में कई अनियमितताएं मिलीं थीं। गोदाम को सील कर दिया गया था। शासन ने जांच के लिए एसआईटी गठित की थी। शनिवार को एसआईटी के न आने से गोदाम का ताला नहीं खुल सका। गोदाम के साथ एसआईटी द्वारा विभागीय अभिलेखों की जांच किए जाने की भी चर्चा है।