फोटो-8- लीला मंचन के दौरान भगवान राम की गोद में मूर्छित लक्ष्मण का अभिनय करते कलाकार। संवाद
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गंजमुरादाबाद। नगर में चल रहे राम लीला महोत्सव में बृहस्पतिवार बालि वध, लंका दहन और लक्ष्मण शक्ति का मंचन किया गया। शक्ति बाण लगने से लक्ष्मण मूर्छित हो गए तो राम विलाप करने लगे।
कलाकारों ने दिखाया कि सीता की खोज में वन में घूमते हुए राम और लक्ष्मण की सुग्रीव से मित्रता होती है। सुग्रीव की विनती पर राम बालि का वध करते हैं। इसके बाद सीता की खोज में लंका पहुंचे हनुमान अशोक वाटिका उजाड़ देते हैं। फिर रावण के आदेश पर हनुमान जी की पूंछ में आग लगा दी जाती है। इसके बाद वह उसी आग से पूरी लंका को जला देते हैं।
अगले दृश्य में युद्ध के दौरान रावण पुत्र मेघनाथ को मैदान में भेजता है। जो ब्रह्मास्त्र के वार से लक्ष्मण को मूर्छित कर देता है। भाई को मूर्छित देखकर राम विलाप करते हैं। सुषेण वैद्य के निर्देश पर हनुमान जी संजीवनी बूटी के लिए पूरा द्रोणागिरि पर्वत ही उठा लाते हैं। इस बूटी के सेवन से लक्ष्मण की मूर्छा ठीक होती है और राम सेना में खुशी फैल जाती है।