उन्नाव। मौरावां थानाक्षेत्र में 10 साल पहले हुई युवती की हत्या के मामले में एडीजे-प्रथम कविता मिश्रा ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
यह घटना 2016 की है। टोपरा गांव निवासी रामू की बेटी आरती (28) हरियाणा से गांव आई थी। चार अक्तूबर 2016 को वह शंकरबक्शखेड़ा गांव में काम से जाने की बात कहकर निकली थी। इसके बाद वह घर नहीं लौटी। 14 अक्तूबर 2016 को पिंजरा गांव के पास झाड़ियों में महिला का शव मिला। परिजन ने कपड़ों से उसकी पहचान आरती के रूप में की थी। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
विवेचना के दौरान पुलिस को घटनास्थल से साक्ष्य मिले। इन साक्ष्यों के आधार पर महरानीखेड़ा गांव निवासी विमलेश यादव को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में विमलेश ने आरती की हत्या की बात कबूल की थी। पुलिस ने उसे जेल भेजकर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। एडीजे-प्रथम कविता मिश्रा की अदालत में मुकदमे की सुनवाई हुई। मंगलवार को अंतिम सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने विमलेश यादव को दोषी मानते हुए यह सजा सुनाई।