फोटो-2- सरकारी मालखाना में बंद ताला। संवाद
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हसनगंज। तहसील परिसर स्थित मालखाना भवन में शटर लगाने पर दो अधिवक्ताओं के बीच विवाद हो गया। सोशल मीडिया पर फोटो वायरल होने के बाद तहसील परिसर में चर्चा शुरू हो गई। अधिवक्ता राजेंद्र पाठक ने मालखाना परिसर में लगाए गए शटर की फोटो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए सवाल उठाए हैं। फोटो वायरल होने के बाद अधिवक्ताओं समेत अन्य लोगों ने टिप्पणी की कि सरकारी परिसर सुरक्षित नहीं हैं।
पूर्व महामंत्री मुनेश्वर रावत ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि जिस परिसर में शटर लगाया गया है, उसे ठेकेदार से खरीदा था। उनका कहना है कि परिसर में पुराने अभिलेख और स्टांप से संबंधित सामग्री रखी है। आरोप है कि पहले अवैध तरीके से किसी ने कुर्सी रखी थी। उसे हटाने से नाराज होकर फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी।
बार एसोसिएशन अध्यक्ष रामनरेश यादव ने बताया कि इस संबंध में पहले भी बैठक हुई थी जिसमें मुनेश्वर रावत उपस्थित नहीं हुए थे। अब पुनः बैठक बुलाई गई है और नोटिस देकर बैठक में विस्तार से चर्चा करके आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
एसडीएम प्रज्ञा पांडेय ने बताया कि मालखाना परिसर में कोई सरकारी दस्तावेज नहीं रखा है। यह प्रकरण बार एसोसिएशन से जुड़ा है। इसकी कोई लिखित शिकायत मिलती है तो नियमानुसार जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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