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Unnao News: बिना अनुमति प्रार्थनासभा पर संचालक सहित नौ नामजद और 60 अज्ञात पर प्राथमिकी

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सोनिक। घटोरी गांव में जीसस क्राइस्ट ट्रस्ट के नाम से बने भवन का रविवार को शुभारंभ के दौरान आयोजित प्रार्थनासभा में सैकड़ों लोगों की मौजूदगी की सूचना पर पहुंचे बजरंग दल के विरोध के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। सोमवार को कार्यकर्ता एसपी कार्यालय पहुंचे और प्रकरण की जानकारी दी। बिना अनुमति प्रार्थनासभा और धर्मांतरण का आरोप लगाया। पुलिस ने संचालक, पत्नी, मां और बहन सहित नौ पर नामजद और 60 अज्ञात पर निषेधाज्ञा अधिनियम उल्लंघन की प्राथमिकी दर्ज की है। दूसरी प्राथमिकी गांव के ही युवक ने संचालक पर धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाने और न मानने पर एससी/एसटी की धारा में फंसाने की धमकी की दर्ज कराई है।
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दही थाना क्षेत्र के घटोरी गांव का नीरज रैदास 1600 वर्ग फीट जमीन पर जीसस क्राइस्ट ट्रस्ट नाम से भवन निर्माण कराकर रविवार को सैकड़ों लोगों को प्रार्थनासभा के माध्यम से धर्मांतरण कराने का प्रयास कर रहा था। जानकारी बजरंग दल के जिला संयोजक नितिन शुक्ला को हुई तो कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे और विरोध किया था। थानाध्यक्ष ने भी नायब तहसीलदार यशवंत सिंह के साथ जांच की थी। संचालक न तो ट्रस्ट का पंजीकरण और न ही प्रार्थनासभा की अनुमति का कागज दिखा पाया था। पुलिस के समझाने के पर पांच घंटे बाद सभी शांत तो हो गए थे।
पुलिस ने संचालक और अनुयायियों पर कार्रवाई नहीं की तो नाराज बजरंगदल के कार्यकर्ता सोमवार को एसपी कार्यालय पहुंचे। जिला संयोजक ने बताया कि एक साल पहले भी विरोध हुआ था लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की थी। तारगांव के चमन ने बताया कि संचालक जबरन धर्मांतरण का दबाव बनाता है, न करने पर एससी/एसटी की धारा में फंसाने की धमकी देता है। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी के आदेश पर दही थाने के उपनिरीक्षक मो. असलम ने ट्रस्ट संचालक घटोरी गांव निवासी नीरज रैदास, मां सुमन, पत्नी कविता, भाई धीरज, बहन संगीता के साथ गांव के गंगाराम, भाई रंजीत, आरती और रानी के साथ 50 से 60 अज्ञात लोगों पर निषेधाज्ञा अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई है।
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उधर तारगांव निवासी चमन सिंह की ओर से दी गई दूसरी तहरीर पर संचालक नीरज पर धमकी और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की धारा में एफआईआर दर्ज हुई है। दही थानाध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि दोनों तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।



ट्रस्ट संबंधी कागज नायब तहसीलदार को नहीं दिखाने पहुंचा संचालक



नायब तहसीलदार यशवंत सिंह ने बताया कि रविवार को संचालक ने ट्रस्ट को दी गई भूमि संबंधित रजिस्ट्री कार्यालय का बायलॉज दिखाया था। साथ ही ट्रस्ट का संचालन जोसिफ कंपनी द्वारा करने की जानकारी दी थी लेकिन ट्रस्ट व अनुमतिपत्र संबंधी संपूर्ण कागजों को नहीं दिखा पाए थे। इस पर सोमवार को तहसील कार्यालय बुलाया गया था लेकिन कोई भी कागज लेकर नहीं आया। अब प्राथमिकी दर्ज हो गई है। उसी में इस बिंदु को भी शामिल किया जाएगा।
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