पुरवा (उन्नाव)। पुरवा सर्किल में तैनात रहे पूर्व सीओ पर एससी/एसटी न्यायालय के विशेष न्यायाधीश ने अनुसूचित जाति के युवक के उत्पीड़न की एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। 23 महीने पहले भूलेमऊ गांव निवासी युवक ने एसपी कार्यालय में आत्मदाह किया था। इलाज के दौरान मौत हो गई थी। भाई ने सीओ पर घूस न देने पर मारपीट की घटना में अनसुनी और उसी के खिलाफ कार्रवाई के आरोप लगाए थे। घटना के बाद सीओ को दूसरे सर्किल, फिर सीतापुर तबादला कर दिया गया था। इस समय वह आगरा में तैनात हैं।
पुरवा कोतवाली के भुलेमऊ गांव निवासी श्रीचंद्र रावत को जमीन के विवाद में 18 अक्तूबर 2023 को पड़ोस में रहने वाले अल्प संख्यक समुदाय के छह से अधिक लोगों ने डंडों और कुल्हाड़ी से हमला किया था। घटना में श्रीचंद्र व उसका छोटा भाई मूलचंद्र और भतीजा महेंद्र घायल हुए थे। श्रीचंद्र की तहरीर पर मुमताज, गुलशाना, शरीफ, साबिरा, अनीश और मुनीर पर अनुसूचित जाति उत्पीड़न, मारपीट और जान से मारने की धमकी की प्राथमिकी दर्ज हुई थी। तत्कालीन पुरवा सीओ दीपक सिंह इसकी विवेचना कर रहे थे। विवेचना के दौरान मुमताज, गुलशाना और अनीश के नाम एफआईआर निकाल दिया और गंभीर धाराओं को हटा दी थीं। इस पर श्रीचंद्र ने 17 नवंबर को डीजीपी कार्यालय और मूलचंद्र ने जिला स्तरीय अधिकारियों से किसी दूसरे अधिकारी से जांच कराने की मांग की थी, लेकिन सुनवाई नहीं हुई थी।
27 दिसंबर 2023 को श्रीचंद्र एसपी कार्यालय गया था, लेकिन वहां भी अनसुनी से आहत होकर उसने पेट्रोल डालकर खुद को आग लगा ली थी। गंभीर रूप से झुलसे श्रीचंद्र ने सीओ दीपक सिंह पर विपक्षी से तीन लाख रुपये लेकर नाम हटाने और उत्पीड़न का आरोप लगाया था। श्रीचंद्र की लखनऊ किंगजॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में इलाज के दौरान 29 दिसंबर 2023 को मौत हो गई थी। परिजनों ने सीओ पर एफआईआर दर्ज करन की मांग करते हुए शव का अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया था। मामले के तूल पकड़ने पर तत्कालीन सीओ दीपक सिंह और कोतवाल सुरेश सिंह को एसपी ने दूसरी जगह तबादला कर दिया था।
मृतक श्रीचंद्र के भाई मूलचंद ने मुख्यमंत्री दरबार और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से भी शिकायत की थी। सुनवाई न होने पर उन्होंने न्यायालय की शरण ली। ढाई महीने पहले तत्कालीन सीओ पर रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए न्यायालय में प्रार्थनापत्र दिया था। प्रार्थनापत्र पर सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कविता मिश्रा ने सीओ दीपक सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। कोतवाल अमरनाथ यादव ने बताया कि न्यायालय का आदेश अभी नहीं उन्हें नहीं मिला है।