फोटो-28- सेवानिवृत्त शिक्षिका की हत्या की सुपारी देने का आरोपी भतीजा लकी। संवाद
नवाबगंज। सेवानिवृत्त शिक्षिका की संपत्ति के लिए पांच लाख की हत्या की सुपारी देने के आरोपी भतीजे (देवर के बेटे) को पुलिस ने मंगलवार सदर कोतवाली के करोवन गांव से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक भतीजे ने बताया कि बड़ी मां (ताई) संपत्ति किसी और के नाम न कर दें इसलिए उनकी हत्या करना चाहता था। पुलिस ने उस पर दस हजार का इनाम भी घोषित किया था। एसओ ने बताया कि आरोपी के पास से सोने की आधी चेन और तमंचा बरामद हुआ है।
अजगैन कोतवाली क्षेत्र के बक्तूखेड़ा गांव में 11 अक्तूबर की शाम 7:30 बजे सेवानिवृत्त शिक्षिका शांति सिंह (62) पत्नी शंभू सिंह की हत्या का प्रयास हुआ था। सामान लेने के बहाने रायबरेली जिले के थाना भदोहर के बेहटाखुर्द गांव निवासी हिस्ट्रशीटर राकेश श्रीवास्तव ने हत्या का प्रयास किया था, लेकिन हत्या न कर पाने पर चेन लूटकर भाग गया था। हिस्ट्रीशीटर ने हत्या करने की पांच लाख की सुपारी मिलने की बात बताई थी। जांच करने पहुंची पुलिस को जब पीड़िता ने सुपारी देकर हमला कराने और तीन लाख कीमत की चेन छीन ले जाने की बात बताई थी। सीसीटीवी से हमलावर की पहचान कर पुलिस ने घटना के नौ घंटे बाद मुठभेड़ में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ में उसने शिक्षिका के भतीजे लकी के सुपारी देने और हत्या सजिश गांव के ही बुद्धिलाल रैदास के घर पर रचने की बात बताई थी। पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर और बृद्धीलाल रैदास को जेल भेजा था। सुपारी देने वाला भतीजा लकी फरार था। मंगलवार रात पुलिस ने सदर कोतवाली के करोवन गांव से उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पहले भतीजे को लंगड़ा अभियान में शामिल करने की फिराक में थी, बाद में चर्चा होने पर नहीं कर पाई।
कोतवाल सुरेश सिंह ने बताया कि आरोपी के पास से लूटी गई सोने की चेन का आधा टुकड़ा और तमंचा बरामद हुआ है। उस पर दस हजार का इनाम भी था।
मायके वालों से था ज्यादा लगाव
पूछताछ में पुलिस के मुताबिक आरोपी लकी ने बताया कि जब तक बड़े पापा (ताऊ) जीवित थे सब सही चल रहा था। उनके साथ बड़ी मां(सेवानिवृत्त शिक्षिका) भी हम लोगों से लगाव रखती थीं। लेकिन उनकी मौत के कुछ दिन बाद से ही बड़ी मां का लगाव कम होने लगा। वह मुझसे और मेरी पत्नी से रंजिश मानने लगीं। आए दिन किसी न किसी बात पर टोकाटाकी करतीं। यही नहीं लखनऊ में उनके मायके वालों का भी आना-जाना बढ़ गया। उनके कहने पर मुझे और मेरी पत्नी को घर से निकाल दिया। तब से यह लगने लगा कि वह किसी को अपनी संपत्ति न दे दें, इसलिए उनकी हत्या करने की सजिश रची। जिस होटल मालिक की पापा गाड़ी चलाते हैं वहीं इस हिस्ट्र्र्र्र्रीशीटर से मुलाकात हुई और उसने हत्या करने की बात कही तो उसे पांच लाख की सुपारी दे दी। पहले हमारे घर के विश्वनीय बुद्धीलाल रैदास को तैयार करने का प्रयास किया, लेकिन जब वह तैयार नहीं हुए तब इसे तैयार किया।