बांगरमऊ। ग्राम मल्लाहनपुरवा में बृहस्पतिवार को लगी भीषण आग से 33 परिवार बेघर हो गए हैं। इनके पास न आशियाना बचा है और न ही गृहस्थी है। तहसील प्रशासन ने गांव में पहुंचकर राहत कार्य शुरू करा दिया है। इसके अलावा समाजसेवी भी पीड़ितों की मदद के लिए पहुंचने लगे हैं।
अग्निकांड में सबकुछ गंवा चुके 33 परिवार परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। उनके सामने भोजन और आवास का संकट खड़ा हो गया है। शुक्रवार को छोटे-छोटे बच्चे भूख और प्यास से बिलखते नजर आए। घटना के बाद पीड़ित परिवार तिरपाल के नीचे तथा पेड़ों की छांव में दिन गुजारते हुए शासन-प्रशासन से राहत की उम्मीद लगाए बैठे रहे। पीड़ितों की सहायता के लिए स्थानीय स्तर पर प्रयास भी शुरू हो गए हैं। एसडीएम बृजमोहन शुक्ला, तहसीलदार साक्षी राय व विधायक के बेटे अंशुल कटियार ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों को राहत सामग्री वितरित की।
वर्जन...
प्रभावित परिवारों को राशन सामग्री उपलब्ध करा दी गई है। नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जाएगी। वहीं ग्रामीणों की शिकायत पर बिजली अधिकारियों को तुरंत गांव में आपूर्ति शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।-बृजमोहन शुक्ला, एसडीएम बांगरमऊ।
फोटो-31-देविका
रोजी-रोटी का हो गया संकट
गांव की देविका ने बताया कि झोपड़ी में आग लगने से आशियाना व गृहस्थी का सारा सामान जलकर राख हो गया। परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
फोटो-32-नन्ही देवी
आग से बेटी के जेवर भी जले
आग से जला जेवर दिखाते हुए नन्ही देवी ने बताया कि बेटी की शादी के लिए यह जेवर रखा था। जो जलकर नष्ट हो गया। अब बेटी के हाथ कैसे पीले होंगे।
फोटो-27-मल्लाहनपुरवा गांव में तिरपाल के नीचे बैठे ग्रामीण। संवाद
फोटो-27-मल्लाहनपुरवा गांव में तिरपाल के नीचे बैठे ग्रामीण। संवाद
फोटो-27-मल्लाहनपुरवा गांव में तिरपाल के नीचे बैठे ग्रामीण। संवाद
फोटो-27-मल्लाहनपुरवा गांव में तिरपाल के नीचे बैठे ग्रामीण। संवाद