फोटो-5- कपूरपुर में फसल में कीटनाशक का छिड़काव करता किसान। संवाद
गंजमुरादाबाद। एक माह की मक्का की फसल पर सुंडी ने हमला कर दिया है। इससे पौधे की पत्तियां सूखने लगे हैं। सहायक विकास अधिकारी कृषि ने किसानों को कीटनाशक का छिड़काव की सलाह दी है।
जायद की मक्का की फसल में तना छेदक सुंडी कीट का प्रकोप है। यह भूरे रंग की सुंडी पौधे के तने में घुसकर उसकी घुग्गी में प्रजनन करती है। कीट तने और कोमल हिस्सों को खा जाता है। इससे पत्तियों पर सफेद धारियां बन जाती हैं। धीरे-धीरे पत्तियां सूखकर पौधा नष्ट हो जाता है। भुट्टा नहीं बन पाता और पैदावार पर प्रतिकूल असर पड़ता है। गंजमुरादाबाद सहित सुलतानपुर, लहरापुर, देवरिया, ब्योलीइस्लामाबाद, महमदाबाद और कलवारी आदि गांवों के किसान इस कीट से परेशान हैं।
सहायक विकास अधिकारी कृषि शरीफ अहमद मंसूरी ने इमामेक्टिन दवा के छिड़काव की सलाह दी है। 150 से 200 ग्राम दवा को 150 लीटर पानी में घोलकर प्रति एकड़ छिड़काव करना चाहिए। कीट रात में नुकसान पहुंचाता है, इसलिए छिड़काव शाम को धीरे-धीरे करें। दवा से पूरा पौधा भीगना चाहिए और घुग्गी तक पहुंचनी चाहिए। किसान 15 लीटर पानी में 50 ग्राम नमक घोलकर भी छिड़काव कर सकते हैं जिससे कीट का शरीर गलकर नष्ट हो जाता है।