फोटो-11- बटुकों का होता यज्ञोपवीत संस्कार। संवाद
- फोटो : देवांश शर्मा।
हसनगंज। दरिहट गांव के मुंडा बाबा मंदिर परिसर में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन 32 बटुकों का यज्ञोपवीत संस्कार संपन्न हुआ। आचार्य दिव्यांश तिवारी ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ बटुकों का उपनयन संस्कार कराया। यज्ञ वेदियों पर आहुति देकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की गई।
कथावाचक रवि शंकर मिश्र महाराज ने रुक्मिणी मंगल प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि मनुष्य को हर कार्य में ईश्वर का आभार व्यक्त करना चाहिए। कृतज्ञ भाव से स्मरण करने पर भगवान राहें सरल बना देते हैं। असफलता मिलने पर आत्ममंथन कर सुधार की आवश्यकता है। रुक्मिणी मंगल की कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर रहे। भजन-कीर्तन और जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। कथा का श्रवण नर सेवा नारायण सेवा के संस्थापक विमल द्विवेदी सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने किया।