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Unnao News: चार साल भी नहीं चले तीन करोड़ के ओपन जिम और खेल मैदान

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फोटो-4-वैरी गांव में ओपेन जिम में लगे उपकरण से गायब झूला। संवाद
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उन्नाव। चार साल पहले करीब तीन करोड़ से बने ओपेन जिम और खेल मैदान खस्ताहाल हैं। यहां लगाए गए झूले और अन्य उपकरण खराब हो गए हैं। मैदानों में झाड़ियां उग आई हैं। बाउंड्री भी गिर गई हैं। कई मैदानों पर तो लोग उपले पाथ रहे हैं।
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वर्ष 2021 में ग्रामीण युवाओं के लिए ग्राम पंचायतों में ओपन जिम और खेल मैदान बनाने की कवायद शुरू की गई थी। एक साल में 80 ओपन जिम और खेल मैदान बनाए गए थे। इस पर करीब तीन करोड़ खर्च किए गए थे। मैदान तैयार कराकर उपकरण स्थापित कराए गए थे। हालांकि चार साल में ही ओपेन जिम पूरी तरह से दम तोड़ चुके हैं। यहां लगाए गए अधिकांश उपकरण टूट चुके हैं।
मैदानों की सफाई न होने से घास व झाड़ झंकाड़ उग गए हैं। कहीं बाउंड्री नहीं बची है तो कहीं पर गोबर के ढेर के बीच उपकरण लगे हुए हैं। ये युवाओं के किसी काम नहीं आ रहे हैं और युवा शहर की दौड़ लगाने के लिए मजबूर हैं। वहीं मनरेगा से नए 22 खेल मैदान बनाने की तैयारी की जा रही है। इसमें ही ओपन जिम के उपकरण भी लगाए जाने हैं।
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फोटो-4-वैरी गांव में ओपेन जिम में लगे उपकरण से गायब झूला। संवाद

केस-1
जिम से उपकरण गायब, मैदान बने खंडहर
औरास। ब्लाॅक के मुसल्यावां, वैरी व कबरोई में 7.5 लाख रुपये की लागत से ओपन जिम के उपकरण लगाए गए थे। मुसल्यावां विद्यालय में बच्चों के लिए ओपन जिम की पांच मशीनें लगाई गई थीं लेकिन ये मशीनें खराब हो चुकी हैं। झाड़ियां उगने से जिम खंडहर नजर आने लगा है। जिम्मेदारों की अनदेखी से साफ सफाई ध्वस्त है। वैरी गांव में बने ओपन जिम से सभी उपकरण गायब हो गए हैं। खेल मैदान के शौचालय के दरवाजे व सीट तक नहीं बची हैं। सीमेंट की कुर्सियां तक टूटी हैं। शाहपुर तोंदा में झूला रैंप व अन्य सामान गायब हो गया है। नंदौली गांव में बना खेल मैदान भी पूरी तरह ध्वस्त है।


फोटो-5-पड़री गांव के ओपेन जिम में लगे क्षतिग्रस्त उपकरण। संवाद
केस-2
किसी काम का नहीं 4.48 लाख का ओपन जिम
बिछिया। ब्लाॅक के ग्राम पड़री में 4.48 लाख से ओपन जिम का निर्माण कराया गया था। मौजूदा समय में उपकरण टूटे हैं। जिम में सिर्फ फ्रेम ही बचा है। झूला गायब है। मैदान में घास उगी हैं। दूर से यह खंडहर नजर आता है। जिम्मेदारों की अनदेखी से जिम की सफाई नहीं कराई जा रही है जिससे यहां पर युवा आने से कतरा रहे हैं। कमोबेश यही हाल ब्लाॅक क्षेत्र में बने अन्य ओपन जिम व खेल मैदानों का है।

फोटो-6-हसनगंज के ओपेन जिम में झूलाविहीन पोल। संवाद
फोटो-7-दुर्गाखेड़ा के ओपेन जिम में गिरे पड़े उपकरण व मैदान में उगी घास। संवाद

केस-3
जंग खा रहे लाखों के उपकरण

हसनगंज। ब्लाॅक क्षेत्र के खपरा मुस्लिम, फरीदीपुर, समदपुर भावा, कोडरा लखौरा में करीब दस लाख से ओपन जिम व खेल मैदान बनाए गए थे। हसनगंज ब्लाॅक परिसर में चार लाख से ओपन जिम का निर्माण हुआ था। इसके बन जाने से क्षेत्र के युवाओं को कसरत के लिए शहर की दौड़ लगाने से निजात मिल गई थी। साथ ही बच्चों को झूले आदि का आनंद मिलने लगा था। हालांकि युवाओं व बच्चों को इसका ज्यादा दिन लाभ नहीं मिल सका। जिम्मेदारों ने निर्माण के बाद इस पर ध्यान नहीं दिया।
यहां लगे उपकरण जंग खाने लगे हैं। खेल मैदान में साफ सफाई न होने से घास उग आई है। इसके चलते इस ओपन जिम से युवाओं ने दूरी बना ली है। कमोबेश यही हाल दुर्गाखेड़ा गांव में बने ओपेन जिम व खेल मैदान का है। यहां भी उपकरण क्षतिग्रस्त हो गए हैं। मैदान में घास व झाड़ झंकाड़ उगे हैं।
वर्जन...

पूर्व में बने ओपेन जिम व खेल मैदान ग्राम पंचायतों को हैंडओवर कर दिए गए थे। इसलिए पंचायत को ही उनकी मरम्मत करानी होती है। वर्तमान की हालत पर जांच कराई जाएगी। जिसकी भी लापरवाही होगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं नए बनाए जा रहे खेल मैदान व ओपन जिम में देखरेख व निगरानी में इसकी व्यवस्था की जाएगी कि जल्द इनकी दशा न बिगड़े। -मुनेश चंद्र, मनरेगा उपायुक्त।

फोटो-4-वैरी गांव में ओपेन जिम में लगे उपकरण से गायब झूला। संवाद

फोटो-4-वैरी गांव में ओपेन जिम में लगे उपकरण से गायब झूला। संवाद

फोटो-4-वैरी गांव में ओपेन जिम में लगे उपकरण से गायब झूला। संवाद

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