फतेहपुर चौरासी। गंगा की बाढ़ में कटे काली मिट्टी-शिवराजपुर मार्ग के बगल वैकल्पिक मार्ग की संभावनाओं को लेखपाल की प्राथमिक जांच में बल मिला है। लेखपाल ने फौरी तौर पर की जांच में वैकल्पिक मार्ग निर्माण के लिए ग्राम समाज की भूमि पर्याप्त होने की जानकारी दी है। सोमवार को एसडीएम की मौजूदगी में विस्तृत नापजोख व भूमि का सीमांकन हो सकता है।
अगस्त में गंगा में आई बाढ़ के बाद कालीमिट्टी-शिवराजपुर मार्ग कटान की चपेट में आ गया था। इसके बाद से इस मार्ग को आवागमन के लिए बंद कर दिया गया था। करीब दो माह से क्षेत्र के 40 गांवों की 50 हजार की आबादी 50 किमी का अतिरिक्त चक्कर लगाकर कानपुर पहुंच रही है। पीडब्ल्यूडी ने यहां पर वैकल्पिक मार्ग निर्माण की कवायद शुरू की थी लेकिन कटान बढ़ जाने से रोक दिया था। पीडब्ल्यूडी ने आगे जमीन किसानों की होने की संभावना जता मार्ग निर्माण का काम बंद कर दिया था। इसकी जानकारी होने पर वैकल्पिक मार्ग के प्रस्तावित स्थल जाजामऊ एहतमाली व गड़ाई के बीच होने से वहां के प्रधानों ने जमीन किसानों की न होकर ग्राम समाज की बताई थी।
बांगरमऊ एसडीएम बृजमोहन शुक्ला ने लेखपाल से इसको लेकर रिपोर्ट मांगी थी। शनिवार शाम को जाजामऊ के लेखपाल पीयूष कुमार व दबौली के अखिलेश द्विवेदी ने वैकल्पिक मार्ग के प्रस्तावित क्षेत्र का फौरी तौर पर स्थलीय निरीक्षण किया। हालांकि नापजोख नहीं हो सकी लेकिन मौके पर ग्राम समाज की भूमि पर्याप्त मिली। लेखपाल पीयूष कुमार ने बताया कि वैकल्पिक मार्ग बनाने के लिए ग्राम पंचायत जाजामऊ एहतमाली की भूमि पर्याप्त है। पीडब्ल्यूडी को वैकल्पिक मार्ग बनाने में कोई परेशानी नहीं होगी। मौके पर ग्राम पंचायत जाजामऊ एहतमाली के प्रधान रोशन व गड़ाई के लक्ष्मीनारायण भी मौजूद रहे। दोनों प्रधानों ने कहा कि वैकल्पिक मार्ग का जल्द निर्माण कराया जाए। इससे क्षेत्र की बड़ी आबादी को सहूलियत होगी।