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Unnao News: कानपुर-लखनऊ और बीघापुर-लालगंज हाईवे से सटे गांवों की जमीनें 65 फीसदी होंगी महंगी

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उन्नाव। जिला प्रशासन के नए सर्किल रेट से दो तहसीलों के बीच से गुजरे कानपुर-लखनऊ और बीघापुर-लालगंज हाईवे किनारे बसे गांवों की कृषि भूमि महंगी हो जाएगी। रजिस्ट्री विभाग के अधिकारियों ने ऐसे गांवों के सर्किल रेट में करीब 65 फीसदी की बढ़ोत्तरी प्रस्तावित की है।
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17 नवंबर से जनपद में जमीनों का नया सर्किल रेट लागू होना है। प्रशासन ने जो बढ़ोत्तरी प्रस्तावित की है, उसके सापेक्ष सात नवंबर से आम लोगों से आपत्तियां मांगी गई हैं। अधिकारियों ने कानपुर जिले की सीमा से जुड़े शुक्लागंज के गांवों के रेट में 60 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव दिया है। अब दो तहसीलों की सीमा से जुड़े गांवों में 65 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि प्रस्तावित की है।
उदाहरण के रूप में सदर तहसील के कुलहा बगहा ग्रामीण का सर्किल रेट 15 से बढ़ाकर 25 लाख प्रति हेक्टेयर प्रस्तावित किया गया है। वह वृद्धि करीब 66 प्रतिशत है। बताया जाता है कि बीघापुर तहसील के इससे जुड़े गांव पाही हरदो ग्रामीण व सैदपुर का रेट वर्तमान में क्रमश: 23 व 20 लाख है। वहां तहसील प्रशासन ने 25 लाख का प्रस्तावित दिया है।
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सदर तहसील के महाई व रामपुर ग्रामीण क्षेत्र का सर्किल रेट 46 फीसदी बढ़ाकर 15 से 22 लाख करने का प्रस्ताव दिया गया है। बीघापुर और इससे जुड़े गांवों में जगदीशपुर, लालगंज व आंव का रेट 20 से 22 लाख किया जाएगा।

इंसेट-1
सफीपुर तहसील से जुड़े गांवों में 53 फीसदी तक बढ़ोत्तरी
सदर और सफीपुर की सीमा से जुड़े गांवों में मरौंदा सूचित व मरौंदा मझवारा का सर्किल रेट प्रति हेक्टेयर 13 लाख से बढ़ाकर 20 लाख करने यानी करीब 53 फीसदी बढ़ाने का प्रस्ताव है। इसी प्रकार जमालनगर गैर एहतमाली का रेट भी 18 से 20 लाख प्रति हेक्टेयर किया जाएगा। बीघापुर व सदर सीमा पर बसे करीब 11 व हसनगंज के 12 गांवों में भी रेट में करीब 50 से 53 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी प्रस्तावित है। एडीएम सुशील कुमार गोंड ने बताया कि जिनको यदि कोई आपत्ति हो तो वह सात सितंबर तक उनके या संबंधित तहसील कार्यालयों में दाखिल कर सकता है। उसका निस्तारण कराया जाएगा।
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