उन्नाव। हसनगंज कोतवाली क्षेत्र में दो साल पहले प्रेम-प्रसंग में हुई राजमिस्त्री की हत्या में आरोपी महिला, उसके पति समेत तीन को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही तीनों दोषियों पर पांच, पांच हजार का जुर्माना भी लगाया।
हत्या दो साल पहले वर्ष 2023 में हुई थी। हसनगंज कोतवाली क्षेत्र के रामपुर अखौली गांव निवासी अविनाश ने एक जून 2023 को पुलिस को तहरीर दी थी। बताया था कि उसके पिता राजेश उर्फ छुन्नू राजमिस्त्री थे। 31 अप्रैल 2023 की सुबह साइकिल से घर से काम पर जाने की बात कहकर भिटवा गांव के लिए निकले थे। देर रात तक घर न पहुंचने पर परिवार के लोगों के साथ तलाश शुरू की।
पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू की तो उसी दिन (एक जून 2023) राजेश का शव भिटवा के जंगल में मिला था। पोस्टमार्टम में हत्या और उसकी एक आंख निकाल लेने की पुष्टि होने पर बेटे अविनाश ने गदनखेड़ा निवासी गंगाराम, उसकी पत्नी शिवकली, साथ काम करने वाले ग्राम रामपुर अखौली गाव निवासी अधीर सैनी निवासी व अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस को जांच में पता चला कि शिवकली के राजेश से प्रेम संबंध थे। पुलिस ने शिवकली के मोबाइल की सीडीआर निकाली।
इसमें गांव में रहने वाले सुरेंद्र से भी रोज घंटों बातचीत करने का पता चला। पुलिस ने शिवकली, उसके पति गंगाराम व सुरेंद्र को पूछताछ के लिए उठाया। तीनों ने अपना जुर्म कुबूल किया। पुलिस ने आठ जुलाई 2023 को न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया।
शुक्रवार को अपर जिला जज चतुर्थ न्यायालय में मुकदमे की सुनवाई पूरी हुई। दलीलों को सुनने के बाद न्यायाधीश रामराज द्वितीय ने शिवकली, उसके पति गंगाराम व सुरेंद्र का दोष साबित होने पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई।