फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Unnao News: 30 फीट की सड़क में 15 फीट पर अतिक्रमण, हर दिन लग रहा जाम

विज्ञापन
शहर के मुख्य मार्ग पर बड़ा चौराहा के पास सड़क पर वाहनों की पार्किंग संकरी हुई सड़क। संवाद
विज्ञापन
उन्नाव। शहर में जाम की समस्या मुसीबत बन गई है। प्रमुख चौराहे, तिराहे हों या फिर कचहरी और जिला अस्पताल मार्ग, सभी जगह फुटपाथों पर अतिक्रमण है। आलम यह है दिन में 30 फीट चौड़ी सड़क पर 15 फीट पर अतिक्रमण हो जाता है।
विज्ञापन

अतिक्रमण की वजह से शहर की यातायात व्यवस्था चौपट हो जाती है। त्योहारी सीजन में दुकानदारों का अतिक्रमण और बढ़ जाता है। मंगलवार को अतिक्रमण के चलते शहर के मुख्य मार्ग पर दिन में कई बार जाम लगा। इससे सैकड़ों लोग परेशान रहे। जाम से निजात के लिए कई बार योजनाएं बनीं लेकिन अभी तक इसका असर नहीं दिखा।
दो साल बाद भी नहीं बन पाईं पार्किंग
जाम की समस्या हल करने के लिए नगर पालिका प्रशासन ने तीन साल पहले पार्किंग स्थल बनाने योजना बनाई थी। सबसे ज्यादा जाम प्रभावित क्षेत्र सदर बाजार और बड़ा चौराहा के आसपास सड़क पर वाहनों की पार्किंग खत्म करने के लिए सदर बाजार में अताउल्ला नाला के पास, कचहरी पुल के नीचे और पुरानी रेलवे क्रॉसिंग के पास पार्किंग जोन बनाने योजना थी लेकिन योजना दो साल बाद भी धरातल पर नहीं उतर पाई। कचहरी पुल के नीचे पुराना अस्पताल परिसर में यूएसडीए ने 40 लाख की लागत से वाहन पार्किंग का काम अप्रैल में शुरू कराया था। निर्माण एजेंसी की सुस्ती के चलते काम अभी तक पूरा नहीं हो पाया है।
विज्ञापन

फुटपाथ खाली नहीं हुए, सिर्फ एक वेंडिंग जोन बना
नगर पालिका ने शहर के भीड़भाड़ वाले प्रमुख स्थानों पर फुटपाथ खाली कराने की योजना बनाई थी। शहर में 10 नो-वेंडिंग जोन और आठ वेंडिंग जोन चिह्नित किए थे लेकिन यह योजना भी कागजों तक ही सीमित रही। अभी केवल कचहरी पुल के नीचे एक वेंडिंग जोन बन पाया है। जिला अस्पताल, आवास विकास और स्टेशन रोड पर वेंडिंग जोन योजना फाइलों में दबी है। हालांकि जिला अस्पताल रोड पर पालिका ने नाले के ऊपर कुछ लोहे की गुमटी वाली दुकानें रखवाई थीं लेकिन नियमों के उल्लंघन का हवाला देते हुए विरोध पर हटवा दी गईं थीं।
ई-रिक्शा और ऑटो के रूट नहीं तय हो पाए
शहर की यातायात व्यवस्था को ध्वस्त करने और जाम की समस्या की वजह बने ई-रिक्शा और ऑटो के रूट तय करने के लिए नगर पालिका ने पिछले साल योजना बनाई थी। शहर में चलने वाले 2100 रिक्शा और ऑटो के लिए अलग-अलग रंग के स्टिकर बनवाए गए थे। योजना थी कि पड़ाव अड्डा के आधार पर रोस्टर बनाकर इनका संचालन कराया जाएगा। हालांकि ऑटो और ई-रिक्शा चालकों ने किसी रूट पर ज्यादा सवारियां और कमाई तो किसी पर कम कमाई को लेकर आपत्ति जताई थी। इस पर अधिकारियों ने महीनेवार रोस्टर बनाने और सभी को बराबर मौका देने की बात कही थी लेकिन योजना पर तीन साल बाद भी अमल नहीं हो सका।


यहां सबसे ज्यादा समस्या
बड़ा चौराहा से स्टेट बैंक मुख्य शाखा तक
छोटा चौराहा से डीएसएम कॉलेज रोड तक
सदर कोतवाली से गांधी नगर तिराहे तक
जिला अस्पताल से बैंक ऑफ इंडिया कार्यालय तक
हरदोई पुल से हनुमान मंदिर तक




यातायात व्यवस्था सुधारने के प्रयास किए जा रहे हैं। दुकानदारों को फुटपाथ पर सामान न रखने की चेतावनी देकर हटवाया भी जाता है। पिछले दिनों सदर बाजार में बड़ा चौराहा के पास अतिक्रमण की वजह बने फुटपाथ तुड़वाए गए थे। गांधीनगर तिराहा से कलक्टरगंज फाटक के पास तक सड़क चौड़ी कराई जा रही है। पुराना अस्पताल परिसर में वाहन पार्किंग बनाने का काम चल रहा है।-संजय कुमार गौतम, ईओ नगर पालिका।



फुटपाथ और सड़क पर लगी दुकानों को हटवाने का काम लगातार कराया जाता है। अतिक्रमण करने वालों को चेतावनी और नोटिस भी दी जाती है। सड़क पर गलत तरीके से खड़े वाहनों का चालान भी किया जाता है। इसी महीने सदर बाजार में अवैध पार्किंग में पचास से अधिक चालान किए गए हैं। अवैध पार्किंग पर अंकुश लग रहा है। -सुनील सिंह, यातायात प्रभारी

शहर के मुख्य मार्ग पर बड़ा चौराहा के पास सड़क पर वाहनों की पार्किंग संकरी हुई सड़क। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें