फोटो नंबर-37-मगरवारा स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर आया सीमेंट का स्लीपर। स्रोत: पाठक
- फोटो : जामों-भादर मार्ग पर विस्फोट के बाद पड़ा सिलिंडर।
शुक्लागंज (उन्नाव)। कानपुर-लखनऊ रेल मार्ग पर मगरवारा स्टेशन के पास किसी ने डाउन ट्रैक पर सीमेंट का स्लीपर रख दिया। गनीमत रही कि लखनऊ जाने वाली सुपर फास्ट तेजस इसकी चपेट में नहीं आई। इस दौरान लखनऊ की ओर जा रही मालगाड़ी के चालक की नजर पड़ गई तो उसने कंट्रोलरूम को सूचना दी।
इस पर तेजस 26 मिनट तक गंगाघाट स्टेशन पर व कुछ अन्य ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोका गया। स्लीपर को हटवाकर ट्रैक साफ कराकर बाद रेल यातायात सामान्य हुआ। इस दौरान करीब आधे घंटे तक रेल यातायात बाधित रहा। हालांकि आरपीएफ निरीक्षक ने किसी तरह की साजिश से इन्कार किया और ट्रेनों की धमक से स्लीपर खिसक कर ट्रैक पर आने की बात कही है।
कानपुर-लखनऊ रेल मार्ग पर रेलवे ट्रैक के स्लीपर बदलने का काम चल रहा है। उन्नाव और गंगाघाट रेलवे स्टेशन के बीच काफी संख्या में स्लीपर रखे हैं। बुधवार रात करीब आठ बजे एक स्लीपर रेलवे ट्रैक पर आ गया। इसी दौरान जा रही गिट्टी लदी एक मालगाड़ी के चालक की नजर पड़ गई और उसने ट्रेन रोकी और कंट्रोलरूम को सूचना दी। गंगाघाट रेलवे स्टेशन मास्टर को रेलवे ट्रैक पर स्लीपर रखे होने की जानकारी हुई तो उन्होंने रात 8:52 स्टेशन पहुंची सुपर फास्ट तेजस एक्सप्रेस को सिग्नल न देकर वहीं रोक दिया। सूचना पर आनन-फानन आरपीएफ इंस्पेक्टर हरीश कुमार सहित अन्य अधिकारी पहुंचे और यहां काम करने वाले श्रमिकों से स्लीपर को हटवाकर ट्रैक साफ कराया। लखनऊ जा रही तेजस एक्सप्रेस को रात 8:52 बजे से 9:19 बजे तक गंगाघाट स्टेशन पर रोका गया। इस दौरान कानपुर से लखनऊ जाने वाली कई अन्य ट्रेनें भी प्रभावित रहीं। तेजस ट्रेन बीच रास्ते में रुकने से यात्री भी परेशान हो गए।
आरपीएफ इंस्पेक्टर ने किसी हादसे की साजिश से इन्कार करते हुए बताया कि मगरवारा के पास सीमेंट के स्लीपर काफी संख्या में रखे हैं। ट्रेनों की आवाजाही की धमक से स्लीपर लूप लाइन पर आ गया था। इससे गिट्टी उतारने आई मालगाड़ी को रोका गया था। लेबर वहीं पर थे और उन्होंने स्लीपर को ट्रैक से हटा दिया।