अजगैन थाना क्षेत्र के नवाबगंज बस स्टैंड के पास स्थित यूनि लीवर लिमिटेड के गोदाम पर शुक्रवार रात दर्जनभर बदमाशों ने धावा बोल दिया। चौकीदार को बंधक बनाने के बाद गोदाम से साढ़े तीन लाख की नगदी समेत करीब 25 लाख रुपए का माल लूट ले गए। घटना की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल की।
फिंगर प्रिंट्स एक्सपर्ट व डॉग स्क्वायड ने भी जायजा लिया। करीब ढाई घंटे तक छानबीन के बाद पुलिस चौकीदार को थाने ले आई। जहां उससे पूछताछ की जा रही है।
नवाबगंज कस्बे में बस स्टैंड के पास ओम प्रकाश साहू का वैभव इंटर प्राइजेज के नाम से यूनि लीवर लिमिटेड कंपनी का गोदाम है। इस गोदाम पर शुक्रवार रात दर्जनभर बदमाशों ने धावा बोल दिया। चौकीदार को बंधक बनाने के बाद अंदर घूस गए।
पुलिस की पूछताछ में चौकीदार सोहनलाल ने बताया कि वह रात करीब एक बजे खाना खाने के बाद लौटा तो उसे खटपट की आवास सुनाई पड़ी। टार्च जलाने पर कुछ लोग दिखाई पड़े। इस दौरान एक बदमाश ने उसे बंधक बना लिया और जान से मारने की धमकी दी।
करीब एक घंटे तक माल समेटने के बाद बदमाश बाहर निकले। इस दौरान वे रैक में रखे साढ़े तीन लाख रुपये भी उठा ले गए। बदमाशों के जाने के बाद चौकीदार ने शोर मचाया तो गोदाम के ऊपर किराए पर रहने वाले लवकुश नीचे उतरे। लवकुश ने चौकीदार को बंधा देख मैनेजर को सूचना दी।
गोदाम मैनेजर डीपी चौहान ने गोदाम मालिक ओम प्रकाश साहू को सूचित किया। ओम प्रकाश ने सौ नंबर डायल कर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही अजगैन एसओ राजकरन शर्मा रात में लगभग दो बजे फोर्स व फिंगर एक्सपर्ट व डॉग स्क्वायड की टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
घटना स्थल की उन्होंने गहनता से जांच की और शक होने पर चौकीदार को अपने साथ थाने ले आए। जहां उससे पूछताछ की जा रही है। अजगैन एसओ राजकरन शर्मा का कहना है कि मामला संदिग्ध है। चौकीदार व मैनेजर अलग-अलग बयान दे रहे हैं।
वहां आसपास के लोगों से भी बात की गई हैं। गोदाम मालिक ने तहरीर में तीन लाख रुपये की नकदी और करीब 22 लाख के माल की लूट दिखाई है। घटना की छानबीन के बाद रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
यूनि लीवर लिमिटेड कंपनी की गोदाम में हुई लूटपाट की घटना को पुलिस साजिश भी मान रही है। इस पहलू पर भी जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस का कहना है कि एक दर्जन बदमाश गोदाम में घुसकर बिना किसी को हानि पहुंचाए सामान कैसे ले जा सकते हैं? यही नहीं गोदाम मालिक लाखों का माल ले जाने की बात कह रहे हैं जबकि बिना किसी बड़े वाहन से इतना माल ले जाना आसान नहीं है।
अगर बदमाश अपने साथ बड़े वाहन लाए थे तो गोदाम के नीचे खड़े वाहनों की जानकारी बगल में रहने वाले मैनेजर को कैसे नहीं हुई? यह कुछ ऐसे सवाल हैं।
जिनके जवाब तलाशे जा रहे हैं। एसओ राजकरन शर्मा के मुताबिक पहले भी इस गोदाम में इस तरीके की हरकतें हो चुकी हैं। एसओ ने पूरी घटना के पीछे गोदाम से जुड़े लोगों का ही हाथ होने की संभावना जताई है।
शुक्रवार की रात लगभग 11 बजे मैनेजर डीपी चौहान ने गोदाम बंद कराया और घर चले गए। मैनेजर के साथ खाना खाने के लिए चौकीदार सोहनलाल भी उन्हीं के साथ चला गया। रात में लगभग एक बजे जब वह खाना खाकर आया तो गोदाम में खटपट की आवाज सुनी।
उसने गोदाम में टॉर्च की रोशनी से देखा तो बदमाशों को शक हो गया और दौड़कर उन्होंने सोहनलाल को पकड़कर बांध दिया। इसके बाद भी तत्काल पुलिस को सूचना नहीं दी गई।