उन्नाव। वाहन चेकिंग के दौरान गुरुवार सुबह पुलिस की टप्पेबाजों से मुठभेड़ हो गई। भागने की कोशिश में बाइक सवारों ने पुलिस पर फायरिंग की। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों के दाहिने पैर में गोली लगने से घायल हो गए। जबकि उनके दो साथी भागने में सफल रहे। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। पुलिस के अनुसार टप्पेबाजों ने 14 दिन पहले इंद्रानगर मोहल्ले में महिला से जेवर की टप्पेबाजी की घटना स्वीकार की है। दोनों सोनभद्र सहित अन्य जिलों में भी वांछित हैं।
सदर कोतवाल अवनीश सिंह, एसओजी और सर्विलांस टीम के साथ गुरुवार सुबह 8:30 बजे दोस्तीनगर-सिंघूपुर मार्ग पर वाहन चेकिंग कर रहे थे। तभी बिना नंबर प्लेट की बाइक सवार दो युवकों को रोकने का प्रयास किया। पुलिस को देख युवकों ने भागने का प्रयास किया।
पीछा करने पर युवकों ने पुलिस टीम पर फायरिंग की। आत्मरक्षा में पुलिस ने भी फायरिंग की। दोनों के दाहिने पैर में गोली लगी। जामा तलाशी में टप्पेबाजों के पास से दो तमंचा, दो कारतूस, एक तमंचा में फंसा, बिना नंबर प्लेट की बाइक और दो चूड़ी, एक अंगूठी, एक मांग टीका, एक ओम का लॉकेट (पीली धातु), दो जोड़ी बिछिया, एक जोड़ी पायल और 2500 रुपये मिले हैं।
पूछताछ में आरोपियों में ने अपना नाम लईक और महबूब निवासी निवासी गुल्लरभोज गंदानाला थाना गदरपुर जिला ऊधमसिंह नगर उत्तराखंड बताया है। उन्होंने 17 जुलाई को इंद्रानगर मोहल्ला निवासी गीता देवी के साथ हुई टप्पेबाजी की घटना स्वीकार की। दोनों रास्ते में महिला को मिले थे। महिला ने परिवार में दिक्कतें बताई तो समाधान के उनके घर के पास तक गए और वहीं रुककर घर में रखे जेवरात मंगाए।
कहा कि उसे सिद्ध कर देंगे तो समस्या दूर हो जाएगी। महिला भी टप्पेबाजों के झांसे में आकर जेवर लाई थी। जेवर मिलते ही दोनों फरार हो गए थे। पास में रुपये के विषय में बताया कि उन्होंने 20 जुलाई को सोनभद्र जिले में भी महिला से पर्स छीना था, उसी में यह रुपये निकले थे। वहां भी इनपर रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
एसपी दीपक भूकर ने बताया कि घटना में इनके दो और साथी सादिक और इब्राहिम हैं, उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। इनके पास से जो जेवर मिले हैं वह इंद्रानगर मोहल्ले में टप्पेबाजी का शिकार हुई महिला के हैं। गिरफ्तार किए गए टप्पेबाज दिल्ली, हरियाणा, झारखंड,सीतापुर सहित अन्य जिलों में वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। बताया कि यह गिरोह केवल महिलाओं को झांसे में लेकर घटनाओं को अंजाम देते थे।