बीघापुर। बिजली के खंभे लगाने को लेकर दो ठेकेदारों में विवाद के दौरान हाथापाई हो गई। एक ठेकेदार ने दूसरे पर 72 हजार रुपये लूटने का आरोप लगाते हुए तहरीर दे दी। पुलिस ने जांच की तो घटना के समय मौजूद रहे एसडीओ ठेकेदारी का विवाद बताया और लूट की घटना को नकार दिया।
नगर पंचायत बीघापुर क्षेत्र में बिजली के पोल लगाने का काम पूर्व में प्रमेंद्र कंपनी के ठेकेदार आर्तिमान सिंह को मिला था। लेकिन बाद में यह काम ठेकेदार सुयस पांडेय को मिल गया। सोमवार देर शाम करीब छह बजे आर्तिमान सिंह पूर्व का बचा हुआ काम पूरा करा रहे थे। बीघापुर चौराहे पर एसडीओ अभिषेक कपासिया की देखरेख में सड़क किनारे पोल लगाए जा रहे थे।
बीघापुर के बिजली ठेकेदार सुयश पांडेय कुछ लोगों के साथ पहुंचे और पोल को दबाकर लगाने की बात कही। इससे आर्तिमान और सुयश के बीच विवाद शुरू हो गया। मामला बातों से हाथापाई तक पहुंच गया। मारपीट के बाद आर्तिमान ने थाना पहुंचकर सुयश और उनके साथ के लोगों पर 72 हजार रुपये लूटने की तहरीर दे दी।
पुलिस जांच करने पहुंची तो एसडीओ ने बताया कि विवाद के बाद मारपीट हुई। लूट की घटना उनके सामने नहीं हुई। पुलिस और एसडीओ के बीच में आने से दोनों पक्षों ने फिर समझौता कर लिया। थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार तिवारी ने बताया कि पोल लगाने की लेकर दो ठेकेदारों में विवाद हुआ था। लूट की घटना फर्जी निकली।