फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

परेशान युवा किसानों ने छुट्टा मवेशियों के लिए बनाया बाड़ा

विज्ञापन
उन्नाव के ग्रामसभा हड़हा में युवाओं द्वारा बनाए गए बाड़े में बंद मवेशी। - फोटो : UNNAO
विज्ञापन
अचलगंज(उन्नाव)। सरकारी सिस्टम से जब किसानों को छुट्टा मवेशियों से निजात नहीं मिल पाई तो गांव के युवा किसानों ने फसलों को बचाने के लिए खुद बीड़ा उठाया। ब्लॉक सिकंदरपुर करन की ग्रामसभा हड़हा में गांव के युवाओं ने एक खाली स्थान पर बाड़ा बनाया और उसमें छुट्टा मवेशियों को बंद किया। मवेशियों को चारा-पानी की व्यवस्था आपस में चंदा करके कर रहे हैं।
विज्ञापन

सिकंदरपुर करन विकास खंड की ग्रामसभा हड़हा में छुट्टा मवेशियों की धमाचौकड़ी से किसान काफी दिनों से परेशान थे। पूस की रात में खेतों में रतजगा करने को किसान मजबूर थे। गांव के कुछ युवाओं ने जब किसानों का दर्द देखा तो उसका इलाज करने की कवायद शुरू की। कुछ ने स्कूल और अन्य सरकारी भवनों में छुट्टा मवेशियों को बंद करने की बात कही लेकिन इधर, जिले के कई गांवों में प्रशासन द्वारा किसानों पर ही मुकदमा दर्ज कराए जाने की जानकारी होने पर युवा बैकफुट पर आ गए। वहीं, कुछ युवाओं ने फसलों को बचाने के लिए दूसरी योजना पर विचार किया। युवाओं में दूसरे स्थान पर बाड़ा तैयार करने को लेकर सहमति बनी तो गुरुवार को इस पर काम शुरू हो गया। युवाओं ने छुट्टा पशुओं से निजात पाने का उपाय करते हुए कन्या प्राथमिक विद्यालय के पीछे बाड़ा तैयार किया। इसके बाद एकजुट होकर क्षेत्र में घूम रहे छुट्टा मवेशियों को खदेड़ा और बाड़ा में ले जाकर बंद कर दिया। सभी ने सहयोग करके उनके चारे-पानी का भी प्रबंध किया। साथ ही चंदा करके कंटीले तारों से घायल मवेशियों का उपचार भी किया गया। वहीं, मवेशियों को ठंड से बचाने के लिए अलाव की भी व्यवस्था कर रहे हैं।
इस कार्य में गांव के युवाओं ने किसानों का सहयोग देकर एक नई मिसाल पेश की है। युवाओं में अजय निगम, सूर्य प्रकाश, अशोक निगम, अज्जू, रमा तिवारी, संदीप, चुन्ने मियां, शहबाज आमल व रामचंद्र ने बताया कि किसान परेशान हैं लेकिन इसके बाद भी शासन, प्रशासन छुट्टा मवेशियों के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है। यदि किसान कुछ कर रहा है तो उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है। इसको देखते हुए हम लोगों ने खुद ही बाड़ा बनाकर मवेशियों को रखने की व्यवस्था की है। आगे पशुओं को बारिश आदि से बचाने के लिए भी व्यवस्थाएं करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें