उन्नाव/शुक्लागंज। उन्नाव और शुक्लागंज स्टेशन पर मंगलवार को पूर्र्वा और गुवाहाटी एक्सप्रेस के काफी देर तक खड़ी रहने और पानी की व्यवस्था न होने पर यात्रियों ने जमकर हंगामा किया। उन्नाव में स्टेशन मास्टर से नोकझोंक हुई तो शुक्लागंज में फौजियों ने स्टेशन मास्टर से अभद्रता की। जीआरपी ने मामला संभाला और अगले स्टेशन पर ट्रेन में पानी भरने का आश्वासन देकर ट्रेन को रवाना किया।
कौशांबी में हुई ट्रेन दुर्घटना के कारण पूर्वा को पहले इलाहाबाद होते हुए कानपुर पहुंचना था लेकिन बीच में ही रूट डायवर्ट कर इसे इलाहाबाद से लखनऊ होते हुए उन्नाव से कानपुर की ओर रवाना किया गया। जिसकारण कानपुर-लखनऊ रूट पर ट्रेनों की संख्या भी ज्यादा हो गई और पूर्वा को सिग्नल न मिल पाने की वजह से उन्नाव स्टेशन पर रोकना पड़ा। शाम करीब 4.15 बजे उन्नाव स्टेशन पहुंची पूर्वा पांच बजे तक यहां खड़ी रही। इस दौरान गर्मी से बेहाल यात्रियों ने ट्रेन के वाश रूम व बेसिन की ओर रुख किया तो नल सूखे मिले। यात्रियों का गुस्सा भड़क गया और वह हंगामा करते हुए स्टेशन अधीक्षक मेश्राम के कमरे तक जा पहुंचे।
हंगामे की जानकारी पर जीआरपी जवानों ने उन्हें शांत कराने की कोशिश की पर यात्री नहीं माने। हंगामा होता देख स्टेशन अधीक्षक ने अपना कमरा बंद कर लिया लेकिन यात्री जबरन स्टेशन अधीक्षक के कमरे में घुस गए और ट्रेन में पानी की व्यवस्था कराने व ट्रेन को चलाने की मांग करने लगे। इस पर स्टेशन अधीक्षक ने कहा ट्रेनों में पानी की व्यवस्था कानपुर में की जाएगी। ट्रेेनों में पानी भरने की व्यवस्था यहां नहीं है। गुस्साए यात्रियों ने ट्रेन न बढ़ने देने की चेतावनी दी और बोले कि यदि पानी भरे बिना ट्रेन चली तो वे ट्रेन के आगे पटरियों पर लेट जाएंगे। इस पर यात्रियों और स्टेशन अधीक्षक में काफी देर तक नोकझोंक होती रही। जीआरपी एसआई रामलक्ष्मण सिंह व सिपाही विजय कुमार की मदद से अधीक्षक ने यात्रियों को शांत कराया। शाम करीब पांच बजे ट्रेन कानपुर की ओर रवाना हुई। तब जाकर अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
शुक्लागंज संवाददाता के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 4.45 बजे कानपुर होकर लखनऊ की ओर जाने वाली बीकानेर गुवाहाटी एक्सप्रेस को सिग्नल नहीं मिलने पर ट्रेन गंगाघाट स्टेशन पर ही रुक गई। ट्रेन में ही एक अतिरिक्त कोच फौजियों का लगा था। अचानक गर्मी से बिलबिलाए फौजी ट्रेन से बाहर निकले और एसएस कक्ष में स्टेशन मास्टर प्रेम बाबू से अभद्रता करनी शुरू कर दी। वे ट्रेन में पानी भराने की मांग कर रहे थे।
स्टाफ की सूचना पर जीआरपी प्रभारी उन्नाव फोर्स के साथ पहुंचे और हो-हल्ला कर रहे फ ौजियों को शांत कर मामला रफ ा-दफ ा कराया। जीआरपी का कहना रहा कि यदि लिखित में रेल अफ सर शिकायत करता है तो आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं सिग्नल मिलने के बाद ट्रेन करीब आधा घंटा बाद लखनऊ की ओर रवाना हो गई।