सफीपुर। गमला कारोबारी का घर से 500 मीटर दूर बाग में खून से लथपथ शव पड़ा मिलने से सनसनी फैल गई। सिर पर गंभीर चोट के निशान मिले हैं। शव से कुछ दूरी पर पुलिस ने खून से सनी लाठी बरामद की है। अंदेशा है
कि इसी लाठी से सिर में वारकर उसकी हत्या की गई है। परिजनों ने किसी पर आरोप नहीं लगाया पर हत्या करने वाले की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग कर हंगामा किया। सीओ ने जल्द खुलासे का आश्वासन देकर शांत कराया।
कोतवाली क्षेत्र उनवा गांव निवासी नासिर (30) हैदराबाद में रहकर गमला बनाने व बेचने का धंधा करता था। चार दिन पहले वह गांव आया था। बुधवार सुबह उसकी मां रेशमा शहर में रहने वाली बहन शमा के घर मांगलिक कार्यक्रम में गई थी।
गुरुवार सुबह नासिर भी वहीं जाने के लिए निकला था। दोपहर बाद घर से 500 मीटर की दूरी पर शेरपुर गांव पास उनवा निवासी अरमान के बाग में उसका शव खून से लथपथ पड़ा देख सनसनी फैल गई। ग्रामीणों की सूचना पर
सीओ बांगरमऊ आशुतोष सफीपुर कोतवाली पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। पुलिस ने लाठी से सिर पर वारकर हत्या किए जाने का अंदेशा जताया है। सीओ के अनुसार परिजनों ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है। उन्होंने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही है।
सुराग तलाशने के लिए पुलिस ने फील्ड यूनिट टीम को बुलाया। स्निफर डॉग शव को सूंघते हुए भागा और गांव के बीच जाकर रुक गया। अंदेशा है कि हत्या में गांव के किसी युवक का हाथ है। पुलिस ने तफ्तीश शुरू की है।
बेटे का शव देख बिलख रही मां रेशमा ने बताया कि 10 वर्ष पूर्व उसके पति बुलाकी का शव जमलदीपुर गांव में उन्नाव-हरदोई मार्ग पर लहूलुहान हालत में पड़ा मिला था।
उसने हत्या का अंदेशा जता पुलिस से कार्रवाई की मांग की थी पर पुलिस ने सड़क हादसे में मौत की बात कहकर फाइल बंद कर दी थी। पहले पति और अब बेटे की हत्या कर दी गई। वह छह भाइयों में चौथे नंबर का था।