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Unnao News: सिर पर वजनदार चीज से वार और गला दबाकर की गई थी बच्चे हत्या

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उन्नाव। मगरवारा गांव से लापता बच्चे का शव मिलने के बाद आक्रोशित परिजनों ने उन्नाव-शुक्लागंज मार्ग जाम कर दिया। सिटी मजिस्ट्रेट व सीओ सिटी ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया। इस पर परिजन भड़क गए और सीओ से जोरदार झड़प हुई। आक्रोश देख पुलिस ने संभ्रांत लोगों की मदद ली। इसके अलावा सिटी मजिस्ट्रेट ने बीपीएल कार्ड बनवाने और पांचों आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज करने के आश्वासन देकर परिजनों को शांत कराया।
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सदर कोतवाली के मगरवारा गांव से दो नवंबर को लापता हुए राममोहन सिंह के नौ साल के बेटे अजय का बुधवार को शव मिलने के बाद परिजन आक्रोशित हो गए। गुरुवार सुबह 10:15 बजे परिजनों ने शुक्लागंज-उन्नाव मार्ग जाम कर दिया। पिता ने बताया कि बेटा बड़ी बहन लक्ष्मी और छोटे भाई विजय के साथ कबाड़ बेचने गया था। दोनों बच्चे घर आ गए थे लेकिन अजय नहीं लौटा था। बच्चों ने बताया था कि कबाड़ की दुकान में रहने वाले लखनऊ के बंथरा निवासी राजेश पटेल ने उसे रोका है। कोतवाली में तीन नवंबर को गुमशुदगी दर्ज हुई।
कोतवाल ने धमकी देने वाले राजेश को कोतवाली बुलाकर पूछताछ की, फिर छोड़ दिया था। चार नवंबर को मगरवारा में सीसीटीवी चेक करने पर भाई-बहन घर आते दिखे थे, अजय नजर नहीं आया। पुलिस ने राजेश से दोबारा पूछताछ की और फिर छोड़ दिया। वहीं चर्चा रही कि कबाड़ के मुख्य दुकानदार निर्भय ने पुलिस को शव पड़ा होने की बात बताई थी। पुलिस ने तीसरी बार राजेश को उठाया तो उसने साथ काम करने वाले चौकीक्षेत्र के रुपनीखेड़ा निवासी राजा का नाम लिया। कड़ाई से पूछताछ में दुकानदार और उसके दो भाइयों का भी हत्या में नाम सामने आया।
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बुधवार शाम पांच बजे पुलिस ने शव बरामद कर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचाया। पिता शव देख बेहाल हो गया। उसने निर्भय, उसके भाई अभय, मनीष के साथ राजेश व राजा पर हत्या का आरोप लगाया। पुलिस ने सिर्फ राजा और राजेश का नाम लेने का दबाव बनाया और बाकी को कार्रवाई से बचाने का प्रयास किया। पुलिस के इस रवैये से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने गुरुवार को जाम लगा दिया। सुबह 10:15 बजे लगा जाम 11:02 बजे खुला।
पीड़िता के पिता की तहरीर पर राजेश पटेल, राजा के साथ दुकानदार निर्भय सिंह उसके भाई अभय और मनीष पर अपहरण, हत्या और साक्ष्य छिपाने की धारा में रिपोर्ट दर्ज हुई। जिला अस्पताल के डॉ. अमित श्रीवास्तव और डॉ. विवेक गुप्ता ने वीडियोग्रॉफी के बीच शव का पोस्टमार्टम किया। उसमें सिर में वजनदार चीज से वार के साथ गला दबाकर हत्या करने की पुष्टि हुई। स्लाइड बनाई गई है। कोतवाल प्रमोद कुमार मिश्र ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद शुक्लागंज स्थित घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया।


बच्चे बीनते थे कबाड़, चंदे से हुआ अंतिम संस्कार
राममोहन के परिवार की आर्थिक स्थित बहुत खराब है। रहने के लिए टूटा घर है। राममोहन और उसकी पत्नी रानी ईंट भट्ठे पर पथाई करते हैं। तीनों बच्चे कबाड़ बीनते थे और उसे हत्यारोपी निर्भय की दुकान में बेचने जाते थे। दो नवंबर को भी बच्चे कबाड़ का कुछ सामान लेकर बेचने गए थे। तभी नशे की हालत में मौजूद लोगों ने बच्चे को रोक लिया और उसकी बड़ी बहन और छोटे भाई को घर भेज दिया। बाद में उसकी हत्या कर दी। गरीबी की स्थिति यह है कि शव का पोस्टमार्टम होने के बाद गांव के ही राकेश सिंह, रविप्रकाश सिंह मुन्ना, प्रदीप सहित अन्य लोगों ने पिता को अंतिम संस्कार के लिए रुपये एकत्र कर दिए। तब आगे की प्रक्रिया शुरू हुई।

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बच्चे की तलाश की जगह पुलिस ने पीड़ित के घर की ली तलाशी
मृतक के पिता राममोहन ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। बताया कि बच्चे के लापता होने के बाद पुलिस ने सुनवाई नहीं की। आरोप है कि मगरवारा चौकी में तैनात स्टॉफ का उठना बैठना उसी कबाड़ दुकानदार के यहां था। उल्टे उन पर ही गुमराह करने का दबाव बनाया। पीड़ित के मुताबिक, कोतवाल ने चौकी में बैठकर उसके पूरे घर की तलाशी कराई। वह लगातार चुप रहने का भी दबाव बनाते रहे।
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बिना फोरेंसिक जांच उठाया शव, ईंट भी बरामद की

बच्चे की हत्या में पुलिस का शव बरामदगी तरीका सवालों के घेरे में रहा। दरअसल, देर शाम पुलिस मौके पर पहुंची और बिना फोरेंसिक टीम से साक्ष्य संकलन कराए ही शव उठवा लिया। शाम पांच बजे शव मिला, उसके बाद मृतक के पिता को पुलिस घर से लाई और रात नौ बजे तक पुलिस हर तरीके से अंजान बनी रही। यही नहीं शव के पास ही पुलिस को एक ईंट भी मिली है। मामला सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद फॉरेंसिक टीम ने बाद में जांच की।

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गांव में दहशत का माहौल, घर से नहीं निकल रहे बच्चे

मगरवारा में नौ साल के बच्चे अजय की हत्या के बाद परिजन भी दहशत में हैं। गांव में प्राचीन गोकुल बाबा मंदिर में मेला लगा हुआ है। इस घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया। लोगों का पुलिस से भी भरोसा डगमगाया है। वहीं, ग्रामीणों की माने तो निर्भय सिंह ने जिस जमीन पर लकड़ी का टाल डाला है वह भी किसी दूसरे की कब्जाई है। निर्भय, अभय और मनीष तीनों शातिर हैं। लूट, चोरी यहां तक की हत्या में भी नाम शामिल होने की बात ग्रामीणों ने पुलिस को बताई है। सीओ सिटी ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज होने के बाद इन सभी बिंदुओं को जांच में शामिल किया गया है। किसी भी आरोपी को छोड़ा नहीं जाएगा।
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