उन्नाव। गलत बिल बनाकर अपनी जेब गर्म करने वाले मीटर रीडरों पर पॉवर कारपोरेशन ने शिकंजा कसा है। गलत बिल बनाने की पुष्टि होने पर संबंधित मीटर रीडर पर रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए गए हैं।
आरपीडीआरपी योजना के पहले चरण में वर्ष 2012-13 में बिजली विभाग के शहर कार्यालयों के साथ उपकेंद्रों को भी ऑनलाइन किया गया था। कार्यालयों व सबस्टेशनों में कंप्यूटर लगाए गए थे। इसके बाद शहर में ऑनलाइन बिजली बिलिंग का काम शुरू हुआ था। मौजूदा समय में एक प्राइवेट एजेंसी के पास ऑनलाइन बिलिंग का काम है। एजेंसी के कर्मचारी घर, दुकान, सरकारी और गैर सरकारी कार्यालयों व फैक्ट्रियों में जाकर मीटर रीडिंग करते हैं। जानकारों के मुताबिक, एजेंसी के कर्मचारी मीटर रीडिंग के नाम पर उपभोक्ताओं से डील करते हैं। कम रीडिंग दिखाकर बिल निकालते हैं। इसके एवज में एक मोटी रकम लेते हैं। बाद में मीटर को खराब दिखा देते हैं। जो पैसा नहीं देता है उसकी रीडिंग आईडीएफ या आरडीएफ में दिखा देेते हैं। इससे बिजली विभाग को राजस्व की हानि होती है। ऐसे में अब पॉवर कारपोरेशन ने गलत बिल बनाने वाले मीटर रीडरों पर कार्रवाई की तैयारी की है। विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं जो भी मीटर रीडर गलत बिल बनाए। उसकी जांच कराई जाए। गड़बड़ी की पुष्टि होने पर संबंधित मीटर रीडर के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई जाए।
मीटर रीडरों पर उपकेंद्रों में तैनात नोडल अफसरों को नजर रखने के आदेश दिए गए हैं। नोडल अफसर क्षेत्र के उपभोक्ताओं की संख्या, मीटर रीडिंग और यदि मीटर आईडीएफ या आरडीएफ हैं, तो इसकी क्रास चेकिंग कराएंगे। जांच में रीडर की रिपोर्ट गलत साबित होगी, तो उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराएंगे।
पॉवर कारपोरेशन की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि जो भी रीडर मीटर रीडिंग में खेल करके गलत बिल बनाएं। उसकी जांच कराकर रिपोर्ट दर्ज कराई जाए। भविष्य में गलत बिल बनाने वाले मीटर रीडर जेल जाएंगे। -एसके सिंह, अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण खंड उन्नाव।