उन्नाव। यूरिया वितरण में गड़बड़ी पर एक खाद विक्रेता पर रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। जबकि दूसरे पर मुकदमा दर्ज कराने के लिए औरास थाने में तहरीर दे दी गई है। कृषि विभाग की इस कार्रवाई से खाद विक्रेताओं में हड़कंप मच गया है।
यूरिया की लगातार कमी और किसानों को हो रही दिक्कतों पर शासन ने 20 बड़े वितरकाें की सूची जांच के लिए प्रशासन को भेजी थी। डीएम रवींद्र कुमार ने सूची के वितरकों की जांच के लिए अतिरिक्त मजिस्ट्रेट दिनेश कुमार, उपकृषि निदेशक डॉ. नंदकिशोर, जिला कृषि रक्षा अधिकारी विकास शुक्ला व सहायक आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता विजय वर्मा को लगाया। अधिकारियों ने समितियों और निजी दुकानों पर जाकर जांच-पड़ताल की थी। जांच में एक अप्रैल 2020 से 31 जुलाई तक यूरिया वितरण की जांच की गई। जिसमें 5 समितियों व 6 निजी दुकानों में खाद वितरण में गड़बड़ी मिली थी। तीन दिन पहले छह निजी दुकानों का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया था। साथ ही समितियों के सचिवों पर कार्रवाई की संस्तुति की गई थी। उस दौरान जांच में सबसे ज्यादा गड़बड़ी औरास के बारादेव स्थित यादव खाद केंद्र और हसनगंज अकबरपुर के आईएफएफडीसी केंद्र में मिली थी। अकबरपुर केंद्र से मात्र 5 किसानों को ही एक हजार एमटी यूरिया देने की पुष्टि हुई थी। इसी प्रकार यादव खाद केंद्र ने मात्र 3 लोगाें को ही 520 बोरी खाद वितरित कर दी।
इस गड़बड़झाले पर जिला कृषि अधिकारी कुलदीप मिश्रा ने गुरुवार को हसनगंज कोतवाली में अकबरपुर केंद्र के संचालक कमल तिवारी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करा दी। उन्होंने बताया कि यादव खाद केंद्र के संचालक पर रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर औरास थाने में दे दी है।