उन्नाव। भीषण गर्मी का असर बिजली की मांग पर भी पड़ा है। सामान्य दिनों की अपेक्षा बिजली की खपत 60 मेगावाट बढ़कर 360 पर पहुंच गई है। ट्रांसफार्मर से लेकर बिजली लाइनें तक गर्म होकर जवाब दे रही हैं। इससे अंधाधुंध कटौती शुरू हो गई है।
पिछले एक सप्ताह से तेज धूप और लू ने लोगों को बेहाल कर रखा है। सोमवार को जहां तापमान 44 डिग्री सेल्सियस था, वहीं मंगलवार को अधिकतम तापमान ने पिछले पांच साल का रिकार्ड तोड़ दिया और यह 45.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। बुधवार को पारा 45 के पार रहा। गर्मी से बचाव के लिए घरों, कार्यालयों, उद्योगों आदि में पंखा, कूलर, एसी आदि का अंधाधुंध प्रयोग हो रहा है। नतीजतन बिजली की मांग में जबरदस्त उछाल आया है।
बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सामान्य मौसम में बिजली की खपत औसतन 300 मेगावाट रहती है। इधर, तीन दिन में बिजली की मांग और खपत में काफी इजाफा है। मांग 360 मेगावाट तक पहुंच गई है। अधिकारियों का कहना है कि मुख्यालय से मांग के सापेक्ष आपूर्ति भी मिल रही है लेकिन स्थानीय वितरण खंड स्तर पर फाल्टों के कारण कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में खूब कटौती हो रही है। शहर भी इससे अछूता नहीं है। शहर को 24 घंटे के सापेक्ष 21 से 22 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। कस्बों को 22 के सापेक्ष 20 घंटे बिजली मिल पा रही है। गांवों को 18 घंटे बिजली न देकर 15 से 16 घंटे ही आपूर्ति दी जा रही है। बिजली कटौती बढ़ने से लोग परेशान हैं।
शहर में बिजली आपूर्ति का हाल
मोहल्ला सिविल लाइन : मंगलवार रात 11 बजे से शुरू हुई ट्रिपिंग देर रात 1.10 बजे तक जारी रही। इस समयावधि के दौरान करीब 16 बार लाइन बंद हुई। बिजली की आवाजाही से लोग परेशान रहे। बुधवार को भी दिन में बिजली का आना-जाना लगा रहा और लोग परेशान होते रहे।
मोहल्ला गांधीनगर : पिछले 48 घंटे में मात्र 10 से 12 घंटे बिजली मिल सकी। मंगलवार और बुधवार सुबह से शाम तक बिजली आपूर्ति बंद रही। एसडीओ टाउन कुंवर प्रशांत का कहना है कि फीडर काफी ओवरलोड चल रहा है। इसलिए आपूर्ति बहाल करने में परेशानी आ रही है।
गर्म होकर जल रहे ट्रांसफार्मर, फाल्ट भी बढ़े
सूरज से बरस रही आग लोगों के बदन को झुलसा रही है। वहीं, ट्रांसफार्मरों के भी अत्यधिक गर्म हो रहे हैं। विभाग के तकनीकी अधिकारियों के मुताबिक, इस समय हर फीडर पर लोड बढ़ा है। ट्रांसफार्मर का कंसंट्रेटर जल्दी खराब हो रहा है। अत्यधिक गर्म होने पर सबसे पहले कंसंट्रेटर ही खराब होते हैं और ट्रांसफार्मर जल जाता है। शहर और शुक्लागंज में सबसे अधिक 250 से 400 केवीए के ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं। इन दोनों जगहों पर बिजली का ओवरलोड है। गर्मी में हर फीडर पर 180 से 200 एंपियर के बीच लोड रहा। परिणामस्वरूप 10 केवीए के चार, 16 केवीए के तीन, 25 केवीए के पांच, 63 केवीए दो और 250 व 400 केवीए के कुल 30 ट्रांसफार्मर फुंक गए। जिसे बदलने में समय लगा और आपूर्ति बाधित रही।
बुधवार को लगातार दूसरे दिन जिले में बिजली की मांग 360 मेगावाट पहुंच गई। जो सामान्य दिनों की अपेक्षा करीब 60 मेगावाट अधिक है। हालांकि ग्रिड से पर्याप्त बिजली मिल रही है। आपूर्ति उपकेंद्रों स्तर पर ट्रांसफार्मर, बिजली लाइनों और फीडरों में फाल्ट से आपूर्ति बाधित होती है।
- अशोक कुमार, अधिशाषी अभियंता, दही चौकी ट्रांसमिशन सेंटर।
15 मिनट में ही फुंक गया 25 केवीए का नया ट्रांसफार्मर
पुरवा। गांव मुरैता नवीन में दो दिन से जला पड़ा 25 केवीए का ट्रांसफार्मर सोमवार को बदला गया। हालांकि नया ट्रांसफार्मर भी 15 मिनट बाद ही फिर जल गया। ग्राम प्रधान अमित सिंह व ग्रामीण शिवम, प्रदीप, अयोध्या व रामदेव ने बताया कि भीषण गर्मी ने बेहाल कर रखा है। बिजली न आने से परेशानी और बढ़ गई है। प्रधान ने बताया कि सोमवार को ट्रांसफार्मर लगाते ही 15 मिनट में फिर से जल गया। मौरावां जेई प्रदीप कुमार ने बताया कि ट्रांसफार्मर जलने की सूचना मिली है। नया ट्रांसफार्मर मंगाया गया है। जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।