उन्नाव। एक सप्ताह से रोजाना रात में की जा रही अघोषित बिजली कटौती से परेशान एबी नगर व काॅलेज रोड के लोगों ने शुक्रवार देर रात पीडी नगर उपकेंद्र पर हंगामा किया। सबस्टेशन ऑफिसर (एसएसओ) से जमकर नोकझोंक हुई। इसी बीच अस्पताल चौकी से सिपाही पहुंचे और लोगों को समझाकर शांत कराया।
एबी नगर व काॅलेज रोड की पिछले सात दिन से रोजाना शाम सात बजे से बिजली गुल हो रही थी। देररात कभी 12 बजे तो कभी डेढ़-दो बजे आपूर्ति बहाल होती थी। पूछने पर अधिकारी लोकल फाल्ट के चलते आपूर्ति बाधित होने की जानकारी दे रहे थे। शुक्रवार शाम फिर बिजली चली गई। लोगों ने लाइनमैन, जेई, एसडीओ व एक्सईएन आदि को फोन किया तो अधिकांश ने नहीं उठाया। रात करीब 12 बजे के आसपास बिजली आई लेकिन 10 मिनट बाद फिर चली गई। इससे लोग आक्रोशित हो गए और सैकड़ों की संख्या में पीडी नगर उपकेंद्र पहुंच गए।
यहां एसएसओ मिले, जिन्होंने फाल्ट की जानकारी देकर जल्द आपूर्ति बहाल करने की बात कही तो लोगों ने पिछले कई दिनों से यही स्थिति होने का कारण पूछा। इसको लेकर एसएसओ से जमकर नोकझोंक हुई। लोगों का बढ़ता आक्रोश देख किसी ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी। तुरंत नजदीक की जिला अस्पताल चौकी से दो सिपाही उपकेंद्र पहुंचे। सिपाहियों ने लोगों की समस्या सुनी और एसएसओ से जल्द आपूर्ति शुरू करने के लिए कहा। उन्होंने लोगों को जल्द फाल्ट की मरम्मत कराकर बिजली आपूर्ति शुरू कराने का आश्वासन दिया, तब कहीं जाकर आधे घंटे बाद लोग लौटे।
रात करीब ढाई बजे आपूर्ति शुरू होने पर लोगों ने राहत की सांस ली। अस्पताल चौकी इंचार्ज अंजनी कुमार ने बताया कि हंगामे की सूचना पर सिपाहियों को भेजा था। 15 मिनट के बाद लोग लौट गए थे। एक्सईएन सौरभ निगम ने बताया कि अभी तक सबस्टेशन ओवरलोड चल रहा था। इससे रुक-रुककर क्षेत्रों में आपूर्ति की जा रही थी। शनिवार को उपकेंद्र में बने तीन नए फीडर शुरू करा दिए गए हैं। सदर विधायक पंकज गुप्ता ने पूजन करके इनका शुभारंभ किया है। अब क्षेत्र की बिजली आपूर्ति दुरुस्त हो जाएगी।
सोनिक उपकेंद्र का केबल बॉक्स जला, 50 गांवों की चार घंटे गुल रही बिजली
सोनिक। स्थानीय उपकेंद्र में लगे केबल बॉक्स में शुक्रवार रात शार्ट सर्किट से आग लग गई। उपकेंद्र में मौजूद कर्मचारियों ने बिजली बंद करके आग बुझाई लेकिन तब तक बॉक्स पूरी तरह से जल जाने से 50 गांवों की बिजली गुल हो गई। करीब चार घंटे बाद किसी अस्थायी व्यवस्था करके किसी तरह आपूर्ति बहाल की गई। हालांकि दोपहर में स्थायी रूप से मरम्मत का काम पूरा कराया गया।
लगातार बढ़ रही गर्मी के चलते लोड अधिक होने से बिजली उपकरण भी जवाब देने लगे हैं। शुक्रवार रात करीब 10:30 बजे सोनिक उपकेंद्र में लगे केबल बॉक्स में शार्ट सर्किट से आग लग गई। कर्मियों ने किसी तरह से आग पर बालू आदि डालकर काबू पाया। इसके बाद बॉक्स की मरम्मत का कार्य शुरू हुआ। रात अधिक होने से कर्मियों ने किसी तरह से बॉक्स की सामान्य मरम्मत करके करीब ढाई बजे आपूर्ति चालू कर दी। इस दौरान चार घंटे तक सोनिक, बसीरतगंज, सराय कटियान, गजाखेड़ा, कटरा, कूमेदानखेड़ा, मुर्तजानगर, शहजादपुर, रुपऊ, रामपुर, बुटवल व बंदरहा सहित 50 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप रही। लोग उमस भरी गर्मी से बेहाल रहे। बिजली न आने से हाथ पंखा लेकर छतों पर टहलते रहे। अवर अभियंता विजयपाल यादव ने बताया कि केबल बॉक्स जलने से आपूर्ति बाधित हुई थी। चार घंटे बाद फौरी तौर पर मरम्मत करके बिजली चालू कर दी गई थी। स्थायी रूप से शनिवार दोपहर में बॉक्स की मरम्मत का काम पूरा किया गया।
नवाबगंज के 10 गांवों में पांच घंटे गुल रही बिजली
नवाबगंज। अजगैन उपकेंद्र से जुड़े गांव भी रोजाना अघोषित बिजली कटौती से जूझ रहे हैं। शुक्रवार रात करीब 11 बजे के आसपास बिजली चली गई। पांच मिनट बाद बिजली आई लेकिन करीब 10 मिनट बाद फिर से गुल हो गई। इसके बाद रात करीब दो बजे फिर आपूर्ति चालू हुई लेकिन तड़के चार बजे के करीब तेज हवाएं चलने से आपूर्ति फिर ठप हो गई, जो शनिवार सुबह 11 बजे के आसपास चालू हो पाई। इस दौरान पांच घंटों तक सधीरा, पिपरोसा, पकरिगवां, सिंधुरिया, संभरखेड़ा, दिलवल, नानाटीकुर, भदेमू समेत 10 गांवों की बिजली बाधित रही। (संवाद)
बिल संशोधन में गड़बड़ी पर लिपिक निलंबित, एसडीओ को आरोपपत्र
उन्नाव। विद्युत वितरण उपखंड कार्यालय तृतीय बिछिया में बिल संशोधन में गड़बड़ी मिलने पर अधीक्षण अभियंता ने लिपिक को निलंबित कर दिया है। एसडीओ को आरोपपत्र दिया गया है।
एक्सईएन प्रथम सौरभ निगम ने बताया कि 24 अप्रैल को उन्होंने बिछिया कार्यालय का निरीक्षण किया था। इस दौरान संशोधित किए गए बिलों की जांच की थी। जांच के दौरान अभिलेखों व कंप्यूटर में दर्ज डेटा का मिलान किया था, जिसमें 454 बिलों के संशोधन में प्रथमदृष्टया 50 लाख से अधिक की गड़बड़ी मिली थी। इसको लेकर लिपिक नवीन पांडेय और एसडीओ कैलाश यादव से जवाब-तलब किया था। दोनों ने मामले में किसी प्रकार का संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इसके बाद रिपोर्ट अधीक्षण अभियंता को भेज दी गई थी। अधीक्षण अभियंता योगेंद्र कुमार सिंह ने लिपिक नवीन पांडेय को निलंबित कर दिया है। वहीं, एसडीओ को आरोपपत्र दिया। इसका भी एसडीओ ने कोई जवाब नहीं दिया। जिस पर उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र मुख्य अभियंता को भेज दिया गया है। एसडीओ फिलहाल छुट्टी पर चले गए हैं। निलंबन अवधि में लिपिक को अधीक्षण अभियंता कार्यालय से संबद्ध किया गया है। बताया कि मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है। संशोधन में गड़बड़ी से जो राजस्व का नुकसान हुआ है, उसकी रिकवरी एसडीओ व लिपिक से कराई जाएगी। (संवाद)