पाटन। ब्लॉक संसाधन केंद्र सुमेरपुर में दो सौ से अधिक विद्यालयों की प्रबंध समिति के खातों का ऑडिट दो घंटे में पूरा हो गया। चर्चा है कि ऑडिट के नाम पर औपचारिकता निभाई गई है। अगर सही तरीके से बजट और खर्च की जांच होती तो बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आती। जिले में कंपोजिट ग्रांट में हुए घालमेल में आपूर्ति करने वाली एजेंसी के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हुई थी।
ब्लॉक संसाधन केंद्र सुमेरपुर में शुक्रवार को विद्यालय प्रबंध समिति के खातों की ऑडिट हुई। इसके लिए क्षेत्र के 61 प्राथमिक व 158 उच्च प्राथमिक विद्यालयों के प्रधान व इंचार्ज शिक्षकों ने स्टॉक रजिस्टर, कैश बुक, लेजर बुक व आय-व्यय के ब्योरे से संबंधित अन्य वित्तीय प्रपत्रों के साथ बीआरसी पहुंचे थे। जांच करने आए ऑडिटर ने 219 विद्यालयों की ऑडिट दो घंटे में ही पूरी कर दी। नाम न छापने की शर्त पर शिक्षकों ने बताया कि ऑडिट के नाम पर उनसे सुविधा शुल्क लिया गया है। आरोप है कि प्रति स्कूल 150 रुपये लिए गए हैं।
बीएसए प्रदीप कुमार पांडेय ने बताया कि ऑडिट सही तरीके से होनी चाहिए। औपचारिकता हुई या शुल्क लिया जाना गलत है। अगर लिखित शिकायत मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी।