उन्नाव। कोरोना किट की निर्धारित कीमत से ज्यादा की खरीदारी को लेकर विपक्ष ने भी मोर्चा खोल दिया है। सपा एमएलसी ने प्रदेश अध्यक्ष के साथ जाकर राज्यपाल से मुलाकात की और उन्हें किट की खरीदारी में अनियमितता बरते जाने की जानकारी दी। साथ ही मामले की उच्च न्यायालय के वर्तमान जज की अध्यक्षता में कमेटी गठित करके जांच की मांग की।
कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए 23 जून को ग्राम पंचायतों में पल्स ऑक्सीमीटर व इंफ्रारेड थर्मामीटर (थर्मल स्कैनर) की खरीदारी करने के आदेश जारी हुए थे। इस कोविड किट की खरीदारी ग्राम पंचायतों को खुद करनी थी और आशाओं को दिया जाना था। आदेश के बाद 1043 ग्राम पंचायतों में इनकी खरीद शुरू हुई। पंचायतीराज विभाग के सूत्रों के मुताबिक, कई ग्राम पंचायतों में केंद्रीयकृत खरीदारी करके किट के लिए 5 हजार से अधिक का भुगतान किया गया। जो शासन से निर्धारित रेट से दो से तीन गुना अधिक है। कोरोना किट की खरीदारी में गड़बड़ी के मामले गंजमुरादाबाद, नवाबगंज, असोहा, हसनगंज व बीघापुर ब्लॉक क्षेत्र की कई ग्राम पंचायतों में सामने आए। इस मामले में शासन ने एसआईटी जांच टीम गठित कर दी है। वहीं, डीएम रवींद्र कुमार ने सीडीओ से जांच रिपोर्ट तलब की है। अब मामले को लेकर सपा ने मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार देरशाम सपा एमएलसी सुनील सिंह साजन प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल के साथ राज्यपाल से मिले। सपा नेताओं ने राज्यपाल से मिलकर उन्नाव के साथ प्रतापगढ़, चंदौली, झांसी, सुल्तानपुर, सीतापुर आदि में निर्धारित कीमत से दो से तीन गुनी ज्यादा कीमत पर पल्स ऑक्सीमीटर व इंफ्रारेड थर्मामीटर की खरीदारी की गई। मेरठ में तो 2500 रुपये में कोरोना रिपोर्ट निगेटिव देने का गोरखधंधा खूब चला। बताया कि प्रदेश सरकार अब तक कोरोना किट के लिए 2400 करोड़ रुपये जारी किए जाने की बात कह रही है।
मुख्य सचिव के आदेश की भी उड़ाई गई धज्जियां
सपाइयों ने सवाल उठाया कि जब मुख्य सचिव ने पोर्टल से खरीद के आदेश दिए थे तो फिर इस आदेश को कैसे धता बताकर उपकरणों की कई गुना रेट पर खरीदारी की गई। आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी व मुख्यमंत्री के गृह जनपद गोरखपुर समेत प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों की हालत खराब है। कोरोना मरीज क्वारंटीन सेंटरों से छलांग व फांसी लगाकर आत्महत्या कर रहे हैं। जिसमें कन्नौज के भाजपा विधायक के भाई तक शामिल हैं। सपाइयों ने राज्यपाल से हाइकोर्ट के वर्तमान जज की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित करते हुए मामले की विधिवत जांच कराए जाने की मांग की है।
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भी किया ट्वीट
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश सिंह यादव ने भी कोरोना किट को लेकर पार्टी के ट्विटर एकाउंट से ट्वीट किया है। उन्होंने कहा है कि कोरोना संकट के दौर में अफसरशाही का एक वर्ग लूट में लग गया है। गाजीपुर, सुल्तानपुर में अधिक मूल्य पर किट खरीद का मामला तूल पकड़ रहा है। उन्नाव का जिक्र करते हुए कहा है कि यहां कंपोजिट ग्रांट में घोटाले के बाद कोविड किट में कमीशनबाजी का खेल हो गया है। यहां भी दोगुने से ज्यादा कीमत पर किटें खरीदी गईं।