उन्नाव। उन्नाव-शुक्लागंज विकास प्राधिकरण (यूएसडीए) ने तीन दिवसीय मानचित्र मेगा कैंप की सोमवार से शुुरुआत की। पहले दिन 53 लोगों ने आवेदन किया और तीन नक्शे स्वीकृत किए गए। सबसे ज्यादा मामले पांच से 10 साल पूर्व बिना नक्शा पास कराए भवन निर्माण के आए। इस पर लोगों ने जुर्माने के साथ मानचित्र शुल्क जमा किया।
प्राधिकरण के अधिकार वाले क्षेत्र में बिना नक्शा और लेआउट पास कराए अब निर्माण नहीं होगा। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष व सीडीओ दिव्यांशु पटेल ने लोगों की सुविधा के लिए यूएसडीए कार्यालय के हॉल में कैंप का शुभारंभ किया। सीडीओ ने कहा कि प्रयास कर रहे हैं कि शहर के विकास की तस्वीर बदली जा सके। प्राधिकरण सचिव/एसडीएम सत्यप्रिय सिंह ने बताया कि 15 जून तक शिविर चलेगा।
हर घर में छूटा होना चाहिए फ्रंट सेटबैक
यूएसडीए के लेआउट के मुताबिक हर घर में फ्रंट सेटबैक छूटा होना चाहिए। इसका मुख्य कारण है कि घर में हवा का प्रवाह सही हो। साथ ही आगे की तरफ का हिस्सा संकरा न हो।
फ्रंट सेट बैक के मानक
100 वर्गमीटर एक मीटर
200-300 वर्गमीटर तीन मीटर
400-500 वर्गमीटर चार मीटर
600-700 वर्गमीटर पांच मीटर
800-1000 वर्गमीटर सात मीटर
लोगों ने बताई
शेखपुर निवासी अनिल कुमार ने 1400 वर्गमीटर का प्लाट लिया है। यूएसडीए के मैगा कैंप में वह नक्शा बनवाने के लिए आए। पता लगा कि 20 हजार रुपये आवेदन शुल्क, 850 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से विकास शुल्क और 50 हजार रुपये अन्य शुल्क में लगेगा। ये सुनकर अनिल कुमार निराश होकर लौट गए। बताया कि 1.80 लाख रुपये कहां से देंगे।
पीतांबर नगर निवासी अमित त्रिपाठी नक्शा लेकर यूएसडीए के कैंप पहुंचे। बताया कि 2005 में प्लाट का नक्शा पास कराया था लेकिन नेशनल हाईवे पर घर होने और ओवरब्रिज बनने के कारण एनएचएआई के अधिकारियों ने नक्शे को अमान्य करार दे दिया। अब वह प्लाट का नक्शा बनवाने के लिए परेशान हैं।