उन्नाव। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अब उन्हें खेती किसानी से जोड़ने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके तहत महिलाओं को कृषि सखी बनाया जाएगा। कृषि सखी का कार्य किसानों को प्राकृतिक खेती प्रति जागरूक करना होगा।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत गठित स्वयं सहायता समूह में शामिल महिलाओं को आर्थिक रूप से संपन्न बनाने की कवायद तेज हो गई है। पूर्व में महिलाओं को बैंक सखी बनाकर उनको बैंकिंग कार्यों प्रशिक्षण दिलाया गया था। अब ग्रामीण महिलाओं को कृषि के विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके बाद महिलाओं को कृषि परामर्शदाता बनाया जाएगा। महिलाएं गांवों में जाकर किसानों को प्राकृतिक और जैविक खेती के लिए प्रेरित करेंगी। कृषि सखी को लगभग पांच हजार रुपये का मानदेय दिया जाएगा।
जिला कृषि अधिकारी शशांक कुमार ने बताया कि महिलाओं को भूमि तैयारी से लेकर फसल कटाई तक की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद महिलाएं गांवों में जाकर किसानों को खेती किसानी की आवश्यक जानकारी देकर प्रोत्साहित करेंगी।