उन्नाव। मकर संक्रांति पर्व के साथ ही खरमास की समाप्ति हो गई है और इसी दिन से शुभ दिनों की शुरुआत हो गई है। शुक्रवार से यज्ञोपवीत, विवाह व अन्य मांगलिक कार्यक्रमों के लिए शुभ मुहूर्त शुरू हो गए हैं। इससे बीते एक माह बाद फिर से शहनाई बजने की शुरुआत हो रही है।
हिंदू संस्कृति के अनुसार पौष माह (खरमास) के रूप में माना जाता है। मान्यता के अनुसार इसमें शुभ कार्यों की मनाही होती है। इसलिए लोग इस महीने में कोई भी मांगलिक कार्य करना उचित नहीं समझते हैं। पूरे एक महीने तक न तो लोग कोई शुभ कार्य करते हैं और ना ही किसी चीज की खरीदारी ही करते हैं।
अब मकर संक्रांति के पर्व के बाद से ही इस खरमास की भी समाप्ति हो गई है और शुभ दिनों की शुरुआत हुई है। आचार्य पं. पुत्तन लाल शुक्ला ने बताया कि सूर्यदेव के उत्तरायण में आने के बाद से ही मांगलिक कार्यक्रमों की घड़ी आ गई है। बताया कि इस बार हिंदू कैलेंडर के अनुसार सबसे अधिक विवाह मुहूर्त मकर संक्रांति के बाद से 12 जून तक कुछ तिथियों को छोड़कर लगातार हैं। इसके बाद लगभग चार माह के अंतराल के बाद नवंबर माह की 21 तारीख से शुभ कार्यों की शुरुआत होगी।
सबसे शुभ होगा वसंत पंचमी का दिन
आचार्य देवी प्रसाद जी के अनुसार इस बार वसंत पंचमी का दिन अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 24 जनवरी को पड़ रहा है। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग होता है। इससे इस दिन का महत्व कुछ अधिक ही माना जाता है। बताया कि पंचमी के दिन मांगलिक कार्यक्रमों को करवाने वालों की संख्या काफी ज्यादा है।
बाजारों में बढ़ेगी रौनक
खरमास के दौरान बीते एक माह से वीरान पड़े बाजारों में भी रौनक लौटेगी। लोगों ने सहालगों के मद्देनजर इसी दिन से खरीदारी भी करना शुरू कर दी है। इससे बाजारों का सन्नाटा भी दूर होगा। शहर के कपड़ा, सोना-चांदी व अन्य वस्तुओं के व्यवसायियों के अनुसार पौष माह में प्रति वर्ष बाजार ठंडा पड़ जाता है लेकिन अब शादियों के मौसम की शुरुआत होने से व्यापार बढ़ेगा और सन्नाटा दूर होगा।