उन्नाव। बारासगवर थानाक्षेत्र में दो दिन पहले 12 वर्षीय बच्ची की मौत से पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पर्दा उठा दिया है। रस्सी से गला दबाकर उसकी हत्या करने के मामले का खुलासा हुआ है। परिजनों की ओर से नामजद किए गए आरोपियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने पूछताछ शुरू कर दी है।
थानाक्षेत्र के दरियाबाद गांव निवासी महेश पासवान की 12 वर्षीय बेटी अंशिका गांव के प्राथमिक विद्यालय में कक्षा 4 में पढ़ती थी। शुक्रवार 3 जुलाई की दोपहर उसका शव घर की चारपाई पर मिला था। घटना के वक्त परिजन खेत में थे। दोपहर बाद घर लौटे पिता ने बेटी को कंबल के अंदर चारपाई पर लेटा पाया था। पिता का आरोप था कि 25 मई को उसके घर में आग लगाने वाले गांव के रमेश, अवधेश, राजेश, रामबहादुर व सतरूपा ने बेटी की हत्या की है। पिता ने ग्रामीणों के साथ घर पर हंगामा करते हुए गिरफ्तारी की मांग कर शव को उठने नहीं दिया था। सीओ एके राय के कार्रवाई के आश्वासन पर परिजन शांत हुए थे। रविवार को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रस्सी से गला दबाकर बच्ची की हत्या किए जाने की पुष्टि हुई है। सीओ ने बताया कि नामजद 5 आरोपियों के खिलाफ हत्या समेत अन्य धाराओं में दर्ज की गई है। नामजद लोगों से पूछताछ की जा रही है। जल्द घटना का सच सामने लाया जाएगा।
बच्ची के पिता महेश का आरोप है कि 25 जून को आरोपियों ने उसके घर में आग लगा दी थी। अगले दिन उसने तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस ने जांच के नाम पर उसे चलता कर दिया था। जिलास्तरीय पुलिस अधिकारियों को भी उसने शिकायती पत्र दिया पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। पिता ने बताया कि वह लगातार पुलिस के चक्कर लगा रहा था, इसी खुन्नस में आरोपियों ने उसकी बेटी की गला दबाकर हत्या कर दी।
छात्रा की मौत की खबर सुनकर घर पहुंचे उसके 55 वर्षीय नाना सीताराम ने नातिन की मौत के गम में जहर खा लिया था। हालत गंभीर होने पर परिजनों ने पीएचसी बीघापुर में भर्ती कराया था। जहां से उसे जिला अस्पताल में भर्ती किया गया था। इलाज के दौरान उसकी हालत सामान्य है।