विकासखंड बिछिया व असोहा में दो गांवों के पास नहर की खांदी कटने से सैकड़ों बीघे खेत जलमग्र हो गए। में बोई गई गेहूं और तैयार खड़ी धान की फसल डूब गई। इससे किसानों को तगड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। अन्नदाता के बर्बाद होने के बाद भी कोई प्रशासनिक अफसर किसानों के आंसू पोंछने के लिए वक्त नहीं निकल पाया।
सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अफसर भी मौके पर नहीं गए। नतीजतन किसान खुद खांदी बांधने की जद्दोजहद में जुटे रहे।
सोमवार रात बिछिया ब्लाक के मद्दीखेड़ा गांव के पास शारदा नहर की पुरवा ब्रांच की खांदी कट गई थी। पूरे दिन कड़ी मेहनत के बाद किसान किसी तरह कटी खांदी बांध पाए।
मंगलवार रात करीब नौ बजे बिछिया गांव के पास खांदी कट गई। इससे खेतों में बोई गई गेहूं व कटी व खेत में खड़ी धान की सैकड़ों बीघे फसल जलमग्र हो गईं। बहाव तेज होने से गांव की गलियों में पानी भर गया। गांव का प्राथमिक विद्यालय, मिनी सचिवालय में
पानी भर गया।यहां बाढ़ जैसा मंजर दिखने लगा। किसान यूनियन के ब्लाक अध्यक्ष श्रवण कुमार ने बताया मंगलवार रात वह धान की फसल पीटकर घर आ रहे थे। अचानक उनकी नजर नहर की की कटी खांदी की ओर गई। उन्होंने तुरंत एसडीएम सदर को इसकी सूचना दी।
इसके बाद गांव के लोगों ने चंदा जमा कर ट्रैक्टरों से मिट्टी ढोकर नहर पाटना शुरू किया। पूरी रात नहर बांधने में ग्रामीण जुटे रहे। इसके बाद भी सुबह तक नहर नहीं बंध सकी थी। बुधवार सुबह 11 बजे तक सिंचाई विभाग का कोई कर्मचारी गांव नहीं पहुंचा।
नहर विभाग के क्षेत्रीय जेई केके माथुर ने फोन ही नहीं उठाया। दोपहर 12 बजे के करीब किसान कड़ी मशक्कत के बाद नहर बांध पाए। उधर, मंगलवार देर रात शारदा नहर की पुरवा ब्रांच से निकली तौरा-मिर्री रजबहा में इब्राहीमपुर के पास खांदी कट गई। इससे क्षेत्र के चेतरा, इब्राहिमपुर और खत्रिनखेड़ा के किसानों की सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई।
पानी के तेज बहाव से किसान नहर बांधने में नाकाम रहे। नहर विभाग के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। ग्राम पंचायत चेतरा के दीपू यादव ने विभागीय अधिकारियों सहित अन्य लोगों को नहर कटने की सूचना दी। इब्राहिमपुर निवासी ,श्रीराम,विश्राम,सजीवन,श्यामू, रामगोपाल, छेदी आदि ने बताया दो दिन पहले भी कुछ दूर पर माइनर कटी थी।
इसको किसी तरह मंगलवार बांधा गया था। मंगलवार रात नहर से कूछ दूर नई खांदी कट गई। इस बार खांदी के ढलान पर कटने से उसे बांधना मुश्किल हो रहा है। लोगों ने कई बार नहर बांधने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली। नहर विभाग के कुछ कर्मचारी देख कर चले गए। पूरा दिन बीत गया लेकिन विभाग ने नहर बांधने के कोई प्रयास नहीं किए ।