फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यहां तो टू-व्हीलर चलाने वाले ही हेलमेट नहीं लगाते

Fri, 24 Jun 2016 12:48 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, उन्नाव
विज्ञापन
हेलमेट - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

विज्ञापन
उन्नाव। यूपी कैबिनेट ने सड़क हादसों में मौतों की बढ़ती संख्या पर चिंता जताते हुए दो पहिया वाहन में पीछे बैठने वाले के लिए भी हेलमेट अनिवार्य करने का फैसला किया है। लेकिन अपने जिले में आज भी लोग हेलमेट को जरूरी नहीं मानते। हालत यह है कि आम लोगों की कौन कहे नियम-कानून का पालन कराने वाले ही कानून का मखौल उड़ा रहे हैं। हैरत की बात यह है कि एसपी कार्याल के सामने ही सिपाही और बिना हेलमेट बाइक से फर्राटा भरते नजर आते हैं। जिले में सड़क हादसों और उनमें होने वाली मौतों के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। 2016 में अब तक 345 सड़क हादसे हुए, जिनमें 213 लोगों की मौत हो गई और 467 लोग घायल हुए हैं। सड़क हादसों में जान गंवाने वालों में 176 लोग ऐसे थे जिन्होंने बाइक चलाते समय हेलमेट नहीं पहना था।

हादसा-1
01 मई-सफीपुर के मोहल्ला कस्बा टोला निवासी गुड्डू विश्वकर्मा (45) हरदोई जाते समय तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से मौत हो गई। हादसे के वक्त वह हेलमेट नहीं पहने था। डॉक्टर ने सिर में गंभीर चोट आने से गुड्डू की मौत होने की पुष्टि की।
विज्ञापन

हादसा-2
14 मई-बांगरमऊ कोतवाली के जाफराबाद निवासी धीरू (30) की सरोज हेलमेट न पहनने से सड़क हादसे में मौत का कारण बना। हादसा तब हुआ जब वह गंजमुरादाबाद स्थित बैंक से रुपए निकालने गया था। वापस लौटते समय बोलेरो की टक्कर से हादसा हुआ।
हादसा-3
16 जून- सफीपुर कोतवाली में तैनात गौरी सफीपुर निवासी होमगार्ड जवान लक्ष्मीशंकर द्विवेदी (46) साथी सोनू व बउवा के साथ बाइक से लखनऊ जा रहा था। हाईवे पर अजगैन थाना क्षेत्र में ट्रक ने बाइक में टक्कर मार दी। हेलमेट न पहने होने से बाइक चाला रहे लक्ष्मीशंकर के सिर में गंभीर चोट लगने से मौके पर ही मौत हो गई।
हादसा-4
17 जून- शहर कोतवाली में हुसैननगर बाईपास चौराहा पर कार ने बाइक सवार औरास कसबा निवासी जगरूप की मौत हो गई। घटना के समय वह हेलमेट नहीं पहने था। जब उसे अस्पताल पहुंचाया गया तो डक्टरों ने सिर में चोट से मौत होने की पुष्टि की थी।

इनसेट
हेलमेट लगाते तो बच जाती जान
पोस्टमार्टम हाउस के आंकड़ों के मुताबिक सड़क हादसों में मौत के शिकार हुए लोगों ने अगर हेलमेट पहना होता तो इनमें से कम से कम 70 प्रतिशत लोगों की मौत न होती। डॉक्टर पवन कुमार के अनुसार ज्यादातर मौतें सिर में चोट लगने से हुई हैं। उनके मुताबिक अगर हेलमेट लगाए होते तो इनकी मौत न होती। बताया कि रोड एक्सीडेंट में शरीर की किसी भी हड्डी में फ्रैक्चर हो उसका कोई न कोई इलाज है लेकिन हेड इंजरी में बचने की संभावना बहुत कम रहती है।

30 तक समझाएंगे, फिर करेंगे चालान
एसपी नेहा पांडेय ने बताया कि हेलमेट पहनने के लिए लोगों को जागरूक करना होगा। बताया कि 30 जून तक पुलिस पूरे जिले में अभियान चलाकर वाहन चेकिंग करेगी। और लोगों को हेलमेट के फायदे बताकर जागरूक करेगी। उन्होंने बताया कि 30ज जून के बाद बगैर हेलमेट पहने बाइक चलाने वालों को चालान किया जाएगा। वह चाहे पुलिस कर्मी ही क्यों न हो।
विज्ञापन


हेलमेट लगाने का क्या हैं फायदे
कानून के नजरिए से आप जिम्मेदार नागरिक बनते हैं। रोड एक्सीडेंट में हो रही मौतों 70 प्रतिशत तक कमी। बाइक चालक आंखों में धूल और धुआं से बचते हैं। वाहनों के हेडलाइट की रोशनी आखों में नहीं पड़ती। धूल और धुएं की वजह से सिर दर्द-बीमारी से बचाव। बाइक चलाते वक्त ध्यान नहीं बंटता और हादसे बचाव।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें