सरस्वती मेडिकल कॉलेज में रिहर्सल के दौरान बच्चे को एंबुलेंस से उतारते स्वास्थ्य कर्मी। संवाद
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बिछिया/नवाबगंज। कोरोना की तीसरी लहर व ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए संयुक्त पीकू वार्ड की तैयारियों की हकीकत जांचने के लिए हुई मॉक ड्रिल में तैयारियां दुरुस्त पाई गईं। बिछिया में संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य भी मौजूद रहीं। तीनों जगह प्लांट चलाकर ऑक्सीजन की आपूर्ति भी जांची गई।
बिछिया सीएचसी में संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य डॉ. वंदना वर्मा की मौजूदगी में हुई मॉकड्रिल में बिछिया गांव निवासी गुरुप्रसाद के चार साल के बेटे गोलू के बीमार होने की सूचना मिलती है। सीएचसी के डॉक्टर एंबुलेंस लेकर उसके घर पहुंचते हैं। बीमार बच्चे को मां सीमा के साथ सीएचसी लाया जाता है। स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य टीम बच्चे को स्ट्रेचर पर लिटाकर वेरीफायर कक्ष में ले जाती है। ऑक्सीजन का स्तर जांचने के बाद पीकू वार्ड में भर्ती कराया जाता है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मुशीर अहमद इलाज करते हैं। इस दौरान सीएमओ डॉ सत्यप्रकाश, एसीएमओ डॉ. आरके गौतम, डिप्टी सीएमओ डॉ. जयराम सिंह, सीएचसी प्रभारी डॉ. आरपी सचान सहित अन्य स्टॉफ उपस्थित रहा।
नवाबगंज के आशाखेड़ा स्थित सरस्वती मेडिकल कॉलेज कोविड लेवल 2 अस्पताल में हुई मॉक ड्रिल में सात साल के बच्चे को उसके घर से लाने और इलाज तक की प्रक्रिया का रिहर्सल किया गया। यहां एसीएमओ डॉ. विवेक गुप्ता, बुंदेल सिंह राठौर, कॉलेज महाप्रबंधक मनोज शिशौदिया व उप चिकित्साधीक्षक डॉ. केके राय व अन्य स्टॉफ रहा।
औरास सीएचसी एसीएमओ डॉ. ललित कुमार की देखरेख में मॉकड्रिल हुआ। कस्बे के ही 13वर्षीय रीतेश के बीमार होने की सूचना पर एंबुलेंस दस मिनट में उसे सीएचसी लाती है। सभी प्रकार की जांच और चेकअप के बाद उसे पीकू वार्ड में भर्ती किया जाता है। इस दौरान डॉ. सौरभ सोनकर सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।