जिला अस्पताल में सांकेतिक हड़ताल के दौरान नारेबाजी करते फार्मासिस्ट। संवाद
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उन्नाव। मांगों को लेकर चार दिनों से प्रतिदिन दो घंटे की सांकेतिक हड़ताल कर रहे फार्मासिस्ट 20 दिसंबर से पूर्ण हड़ताल करेंगे। इससे पहले 17 से 19 दिसंबर तक इमरजेंसी व पोस्टमार्टम कार्य ही करेंगे।
जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्डों के साथ अन्य यूनिट में काम कर रहे फार्मासिस्टों ने चौथे दिन भी सुबह 8 से 10 बजे तक सांकेतिक हड़ताल की। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह ने कहा कि फार्मासिस्ट प्रभारी अधिकारी फार्मेसी व विशेष कार्य अधिकारी फार्मेसी को संयुक्त निदेशक फार्मेसी के पद पर स्थापित कर वही वेतन दिया जाए। सभी प्रकार के भत्तों में बढ़ोत्तरी हो। फार्मासिस्ट संवर्ग का नाम बदला जाए। डॉक्टरों की अनुपस्थित में चिकित्सीय कार्य कर रहे फार्मासिस्ट को विधिक मान्यता दी जाए।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति के अनुसार उप केंद्र पर तैनात सीएचओ (कम्यूनिटी हेल्थ ऑफीसर) की न्यूनतम शैक्षिक योग्यता डिप्लोमा फार्मेसी या बैचलर फार्मेसी किए जाने सहित बीस मांगें हैं। सरकार इन पर सुनवाई नहीं कर रही है। 19 दिसंबर तक इमरजेंसी व पोस्टमार्टम की सेवाओं को छोड़ अन्य सेवाएं बाधित की जाएंगी। 20 दिसंबर से पूर्ण रूप से हड़ताल होगी। इस दौरान जिला मंत्री आनंद सिंह, नीलम शुक्ला, संजय बहादुर, रामलखन, पंकज यादव, कुसुम यादव, दिलीप, संतोष कुमार, दिनेश कुमार मौजूद रहे।