उन्नाव। सर्दी के मौसम में बच्चों का खास ध्यान रखने की जरूरत है। छह माह तक बच्चों को मां के दूध के अलावा कुछ भी बाहरी चीज न दें। इससे उनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और वह बीमारियों से बचेंगे।
जिला अस्पताल के बालरोग विशेषज्ञ डॉ. अमित श्रीवास्तव कहते हैं कि निमोनिया किसी भी व्यक्ति को हो सकता है। सबसे अधिक पांच साल तक के बच्चों को प्रभावित करता है। पांच साल तक के बच्चों की मौत का कारण भी यही बीमारी है। निमोनिया फेफड़ों में होने वाला एक संक्रमण है जो बैक्टीरिया, फंगस व वायरस के कारण होता है। इससे फेफड़ों में सूजन आ जाती है। सर्दी जुकाम के लक्षण से बहुत कुछ मिलते जुलते निमोनिया के लक्षण होते हैं।
बच्चों को ठंड से बचाएं। नवजात को पूरे कपड़े पहनाएं। सिर, कान और पैर ढक कर रखें। दूध न पीने, सुस्त रहने या बुखार हो तो डॉक्टर से जांच अवश्य कराएं। माता व पिता को चाहिए कि वह बच्चों को समय से टीके लगवाएं। निमोनिया का टीका न्यूमोकॉकल पॉलीसेकेराइड कोंजुगेट है जो कि बच्चे को डेढ़ माह, साढ़े तीन माह और नौ माह में लगाए जाते हैं। यह बच्चे को निमोनिया की बीमारी से बचाते हैं।