जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों का चेकअप करते चिकित्सक। संवाद
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उन्नाव। बुखार के बढ़ते मरीज व डेंगू मरीजों की संभावना को देखते हुए जिला अस्पताल में बेडों की संख्या बढ़ा दी गई है। सोमवार को वार्ड नंबर एक में आठ बेड का बना डेंगू वार्ड बुखार के मरीजों से फुल हो गया। इसमें छह मरीज पहले से ही थे। दो नये बुखार के मरीज भर्ती किए गए। डेंगू की जांच के लिए सैंपल लखनऊ स्थित राम मनोहर लोहिया अस्पताल भेजा गया है।
शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक बुखार का कहर है। स्थिति यह है कि हर दूसरे घर में कोई न कोई सर्दी, जुकाम व बुखार से पीड़ित है। बुखार के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया है। अभी तक जिला अस्पताल में आठ बेड का डेंगू वार्ड बनाया जाता था। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सीएमएस ने डेंगू मरीजों के लिए 50 बेड़ आरक्षित किए हैं। इसमें वार्ड नंबर एक में आठ, बर्न यूनिट में 26 व आइसोलेशन वार्ड में 16 बेडों की व्यवस्था की गई है। ताकि भर्ती मरीजों का इलाज किया जा सके।
सोमवार को वार्ड नंबर एक में बने आठ बेड का डेंगू वार्ड फुल हो गया। इसमें छह मरीज पहले से हैं। बुखार के नये मरीजों में लहिया गांव की राजवती (39) पत्नी सदाशिव व अजगैन के गौरा कठेरवा के अजयवीर (32) पुत्र शिव सिंह को भर्ती किया गया है। इन दोनों को एक सप्ताह से बुखार आ रहा था। सैंपल भी डेंगू जांच के लिए लखनऊ भेजा गया है। सीएमएस डॉ. पवन कुमार ने बताया कि डेंगू व बुखार के मरीज परेशान न हों इसलिए बेडों की संख्या बढ़ा दी गई है।
जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में बुखार व डायरिया के 40 मरीज पहुंचे। बुखार के मरीजों को तो डॉक्टरों ने ओपीडी में डॉक्टर के पास भेजकर दवा लिखवाई और जांच कराने की सलाह दी। वहीं डायरिया से पीड़ित बांगरमऊ के मेला रामकुंवर निवासी युग (2) पुत्र गिरीश व आवास विकास की सोमवती (40) पत्नी राकेश को भर्ती कराया गया है। वही ओपीडी में भी मरीजों की संख्या अधिक रही।