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एंबुलेंस का चक्का जाम, ई रिक्शा व अन्य वाहनों से पहुंचे अस्पताल

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प्राइवेट वाहन से उतारकर घायल उनेद को जिला अस्पताल की इमरजेंसी ले जाता पिता इसराइल। संवाद - फोटो : UNNAO
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उन्नाव। दूसरी कंपनी को ठेका देने पर शुरू हुई छंटनी व मानदेय में कटौती से नाराज 108, 102 व एएलएस के चालक व ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) ने रविवार रात 12 बजे से एंबुलेंस का चक्का जाम कर दिया। चालकों की हड़ताल के कारण मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी। रिक्शा व अन्य वाहनों से मरीज स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। सात एंबुलेंसों को इमरजेंसी सेवा के लिए रखा गया था। उधर, सीएमओ ने पूरे मामले की रिपोर्ट जिलाधिकारी को दी है।
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बड़ा चौराहा निवासी रामप्यारी (70) को छुट्टा मवेशी मार कर घायल कर दिया। पैर में गंभीर चोट आई थी। एंबुलेंस न मिलने पर बेटी बिट्टो सिंह उन्हें ई रिक्शा से लेकर जिला अस्पताल पहुंची। शुक्लागंज निवासी सत्यप्रकाश (37) से तीन दिन पहले मारपीट हुई थी। पैर में प्लास्टर चढ़ा था। एंबुलेंस न मिलने पर ई रिक्शा से जिला अस्पताल पहुंचे। बांगरमऊ के गांव सादीपुर निवासी इसराइल का बेटा उनेद (8) घर के पास खेलते समय बाइक की टक्कर से घायल हो गया था। परिजन किराये की गाड़ी कर उसे जिला अस्पताल लाए।
सफीपुर ब्लॉक के गांव नौबतपुर निवासी सीमा(26) पत्नी शिवशंकर की तबीयत अचानक बिगड़ गई। पति ने बताया कि एंबुलेंस न मिलने पर घर पर खड़ी ठेलिया से पत्नी व बच्चों को स्वास्थ्य केंद्र लाया। तब उसका इलाज हो सका।
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नवाबगंज ब्लॉक के गांव सरौती निवासी कल्पना का रविवार को सीएचसी में प्रसव हुआ था। सामान्य प्रसव होने से सोमवार दोपहर को उसे छुट्टी (डिस्चार्ज) मिल गई। पति नीरज पत्नी व नवजात को लेकर बाहर निकला। वह वाहन के लिए काफी समय तक भटकता रहा। बाद में टेंपो कर घर गया। बांगरमऊ के पंचमखेड़ा निवासी सुमन ने चार दिन पहले सीएचसी में बच्चे को जन्म दिया था। सोमवार को उसकी छुट्टी हुई थी। पति पवन के साथ किराये के वाहन से घर गई।
जिला अस्पताल परिसर में एंबुलेंस खड़ी कर चालक व ईएमटी ने धरना प्रदर्शन किया। एंबुलेंस चालक संघ के जिला महामंत्री संदीप पाल ने कहा कि जिगित्सा हेल्थ कंपनी के अधिकारियों से चार दिन से चल रही वार्ता सफल न होने पर हड़ताल पर जाना पड़ा। हमारी मांग है कि एएलएस एंबुलेंस पर कार्यरत कर्मचारियों को कंपनी बदलने पर कर्मचारियों को न बदला जाए। अनुभवी कर्मचारियों को ही रखा जाए। कोरोना काल में शहीद हुए आश्रितों के परिवारों को बीमा राशि 50 लाख रुपये देने के साथ तीन अन्य मांगें हैं। तीन दिन में सुनवाई न हुई तो आंदोलन और तेज होगा। धरना स्थल पर पहुंचे राष्ट्रीय एकता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शमीम खान ने चालकों की मांग का समर्थन और संघर्ष में साथ देने का वादा किया।
सीएमओ डॉ. सत्यप्रकाश ने कहा कि मई को जारी राज्य सरकार की अधिसूचना के अनुसार हड़ताल नहीं की जा सकती। एंबुलेंस संघ के नेताओं को बुलाकर वार्ता की गई है। उन लोगों ने सात एंबुलेंस दी हैं। हर ब्लॉक में एक एंबुलेंस देेने को कहा गया है। अभी उनका कोई जवाब नहीं आया है। डीएम को मामले की जानकारी दे दी गई है।
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