उन्नाव। संचारी रोग के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए परिषदीय स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। बच्चों को संक्रामक रोगों के बचाव और उनके लक्षण बताकर जागरूक किया जाएगा। बेसिक शिक्षा निदेशक ने आदेश जारी कर दिए हैं। 31 मार्च तक चलने वाले इस अभियान में विद्यालयों में दिवस वार कार्य विभाजन किया गया है। जिसमें साफ सफाई के साथ कचरा निस्तारण, जलभराव रोकने व शुद्ध पेयजल उपलब्धता के प्रति लोगों को जागरूक करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
बेसिक शिक्षा निदेशक डॉ. सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह की ओर से दिए गए निर्देशों में कहा गया है कि प्रार्थना सभा में बच्चों को संचारी रोगों से बचाव के उपाय बताए जाएं। बच्चों को साफ सफाई के साथ पर्यावरणीय स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाए। यही नहीं रोगों से बचाव की प्रतिज्ञा भी दिलाए जाए। शिक्षकों को बच्चों के साथ सामुदायिक गतिविधियां आयोजित करने, रैली निकालने, गांवों में भ्रमण कर लोगों को संचारी रोगों के प्रति जागरूक करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
जागरूकता अभियान के दौरान प्रत्येक स्कूल में एक स्वास्थ्य नोडल शिक्षक का चयन होगा। साथ ही दिमागी बुखार तथा अन्य संचारी रोगों पर 50 मिनट की विशेष कक्षा का आयोजन किया जाएगा। इसमें विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्यों की भी जिम्मेदारी तय की गई है। दो दिन से अधिक अनुपस्थित रहने वाले छात्रों के शिक्षक विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्यों से पूछताछ कर जानेंगे कि बच्चा संचारी रोग से ग्रसित तो नहीं हुआ है।
ब्लॉक सिकंदरपुर कर्ण के गांव गौरी त्रिभानपुर के परिषदीय स्कूल में संचारी रोग नियंत्रण अभियान के प्रथम चरण में छात्रों ने जागरूकता रैली निकाली। शिक्षक प्रदीप भदौरिया ने छात्राें व उनके अभिभावकों को बताया कि बदलते मौसम में संचारी रोग व दिमागी बुखार बढ़ने का अधिक खतरा रहता है। इस मौसम में अभिभावकों को खान-पान व स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना चाहिए। बच्चों को बुखार आने पर उन्हें तत्काल डॉक्टर के पास ले जाएं। हाथों में स्लोगन लिखी तख्ती के माध्यम से ग्रामीणों से अपील की कि मच्छरदानी का प्रयोग अवश्य करें। शुद्ध पानी पीयें। अपने घर व आसपास की स्वच्छता को बनाए रखें। जलभराव न होने दें। जेई का टीकाकरण कराएं और नंगे पैर न चलें। खाने से पहले और शौच के बाद साबुन से हाथ धुलें। इस दौरान रामरत्न, अंजली सक्सेना, महेंद्र मौर्य, अंशू पांडेय, रीतेश शर्मा व छात्र उपस्थित रहे।